सनातन धर्म में भी हर एकादशी का विशेष महत्व है और कहा गया है कि अगर एकादशी का व्रत किया जाए तो इससे जगत के पालनहार भगवान विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी  का आशीर्वाद मिलता है। है। ठीक इसी तरह से मोक्ष की प्राप्ति के लिए मोक्षदा मोक्ष का विशेष महत्व है। कहते हैं कि मोक्षदा एकादशी पर व्रत करके कुछ विशेष कार्य किए जाते हैं। तो इससे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस वर्ष मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष में 11 दिसंबर को मनाया जाएगा, ऐसे में इस दिन आपको क्या करना चाहिए और देवी कैसे मोक्ष (देवी एकादशी) का व्रत करना चाहिए आइए हम आपको बताते हैं।

मोक्षदा मोक्षदा पर देवी मोक्षदा के धारण की सामग्री : मोक्षदा एकादशी पर व्रत करने के साथ ही भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करने का विशेष महत्व होता है, कहा जाता है कि इस दिन व्रत और मोक्षदा मन से अभिषेक करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। देवी भगवती का श्रृंगार करने के लिए गंगाजल और पंचामृत से उनका स्नान कराना चाहिए। इसके अलावा लाल या पीले वस्त्र, स्टोन, चूड़ी, बिंदी, काजल, लाली, लाल चुनरी, फूलों की माला, दीपक और पूजा सामग्री की आवश्यकता होती है।

देवी का शृंगार करने की विधि : मोक्षदा वडोदरा पर देवी मोक्षदा का धारण करने के लिए सबसे पहले पूजा स्थल को अच्छे से साफ करें और पूजा स्थल में भगवान विष्णु देवी, भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। देवी भगवती का गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक करें, इससे पवित्रता और सकारात्मकता आती है। इसके बाद देवी एकादशी को नए लाल या पीले वस्त्र कपड़े, चूल्हे, स्कर्ट, बिंदी, काजल और श्रृंगार की सभी सामग्री निर्विभक्त करें। उन्हें लाल चुनी हुई पोशाकें और पुष्प माला की माला पहनाएं। इसके बाद पंचमुखी दीपक देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करें, कथा का पाठ करें और आरती के साथ ही पूजा करें। अगर आप व्रत कर रहे हैं तो सात्विक आहार लें, गलत प्रयोजनों से सलाह लें और पूजा के दौरान मुद्रा का ध्यान रखें।