प्रयागराज महाकुंभ 2025 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। संगम के किनारे, प्रयागराज में विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला आकार लेने लगा है। इस बार महाकुंभ में करीब 40 से 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। महाकुंभ से घर लौटते समय हमें किन वस्तुओं को अपने साथ लाना चाहिए, यह जानने का प्रयास करते हैं।

महाकुंभ से घर लाएं पवित्र जल : महाकुंभ के दौरान संगम घाट पर स्नान करने के पश्चात त्रिवेणी जल को घर लाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है। त्रिवेणी जल को घर लाने से घर में शुभता का संचार होता है और सकारात्मकता में वृद्धि होती है, जबकि नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।

महाकुंभ से घर लाएं शुद्ध भोग : महाकुंभ के विशाल क्षेत्र में स्थित प्रत्येक मंदिर में विशेष भोग अर्पित किया जाता है। इस भोग को घर लाना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, महाकुंभ में उपलब्ध खान-पान की व्यवस्था भी दिव्य भोग के समान होती है, जिसे भी घर लाया जा सकता है।

महाकुंभ से घर लाएं पवित्र पुष्प : आपको मंदिरों से लेकर पवित्र नदियों तक पूजा के लिए उपयोग किए गए फूल अवश्य घर लाने चाहिए। यदि साधु संतों द्वारा आपको आशीर्वाद स्वरूप फूल प्राप्त होते हैं, तो उन्हें भी घर में रखना चाहिए।

महाकुंभ से घर लाएं पवित्र मिट्टी : इस बार महाकुंभ का आयोजन प्रयागराज में हो रहा है। मान्यता है कि प्रयागराज में अमृत की कुछ बूंदें गिरी थीं। अतः प्रयागराज के त्रिवेणी संगम के घाट की मिट्टी अवश्य अपने घर लानी चाहिए। यह मिट्टी किसी दिव्य औषधि के समान होगी। महाकुंभ के अवसर पर प्रयागराज से मिट्टी लाने से ग्रह दोष समाप्त होता है।