मुंबई :महाराष्ट्र में नयी महायुति सरकार पांच दिसंबर की शाम मुंबई के आजाद मैदान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में शपथ लेगी। भाजपा की प्रदेश इकाई ने शनिवार को यह जानकारी दी। हालांकि, अभी तक यह घोषणा नहीं की गई है कि मुख्यमंत्री कौन होगा, लेकिन भाजपा सूत्रों ने बताया कि देवेंद्र फडणवीस इस शीर्ष पद की दौड़ में सबसे आगे हैं। वह दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और पूर्ववर्ती एकनाथ शिंदे नीत सरकार में उप मुख्यमंत्री थे। कार्यवा महाराष्ट्र में नयी महायुति सरकार पांच दिसंबर की शाम मुंबई के आजाद मैदान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में शपथ लेगी। भाजपा की प्रदेश इकाई ने शनिवार को यह जानकारी दी। हालांकि, अभी तक यह घोषणा नहीं की गई है कि मुख्यमंत्री कौन होगा, लेकिन भाजपा सूत्रों ने बताया कि देवेंद्र फडणवीस इस शीर्ष पद की दौड़ में सबसे आगे हैं। वह दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और पूर्ववर्ती एकनाथ शिंदे नीत सरकार में उप मुख्यमंत्री थे। कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल रहे शिंदे इन अटकलों के बीच एक दिन पहले अपने पैतृक गांव चले गए कि नयी सरकार को आकार देने के तौर-तरीकों से वह खुश नहीं हैं। उनके एक सहयोगी ने बताया कि वह बीमार हैं। उन्होंने बताया कि शिंदे को तेज बुखार है। प्रदेश भाजपा प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार शाम ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि महाराष्ट्र में महायुति सरकार का शपथ ग्रहण समारोह माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की उपस्थिति में पांच दिसंबर, 2024 को शाम पांच बजे मुंबई के आजाद मैदान में होगा। सतारा जिले के रहने वाले शिवसेना नेता शंभूराज देसाई ने पत्रकारों को बताया कि शिंदे और पार्टी के अन्य नेता भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर शुक्रवार तड़के दिल्ली से लौटे, तब से कार्यवाहक मुख्यमंत्री को खांसी और जुकाम की शिकायत है। देसाई ने कहा कि उन पर (शिंदे पर) काम का बोझ बढ़ गया है, इसलिए हमने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। शिंदे के करीबी शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने कहा कि उनकी पार्टी को गृह विभाग मिलना चाहिए। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से बात करते हुए यह भी दावा किया कि शिंदे को दरकिनार करने की कोशिशें की गईं। इस बीच, एक भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी के विधायक दल का नेता चुनने के लिए दो दिसंबर को बैठक होगी। उन्होंने कहा कि इस बार फडणवीस को मुख्यमंत्री पद मिलने की संभावना है। शिवसेना प्रमुख एवं जून 2022 से मुख्यमंत्री रहे शिंदे ने बृहस्पतिवार रात दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह के साथ सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं की बैठक में हिस्सा लिया। इससे पहले, शिंदे ने स्पष्ट कर दिया था कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व द्वारा मुख्यमंत्री पद पर कोई भी फैसला उन्हें स्वीकार्य होगा। शिंदे पर शिवसेना नेताओं के एक समूह का दबाव है, जो मानते हैं कि उन्हें उप मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहिए, क्योंकि वह दो साल से अधिक समय से मुख्यमंत्री हैं। पार्टी नेताओं का एक और समूह इस बात पर जोर दे रहा है कि उन्हें नयी सरकार का हिस्सा होना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिंदे नीत शिवसेना और अजित पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के महायुति गठबंधन ने विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के साथ सत्ता बरकरार रखी। चुनाव परिणाम 23 नवंबर को घोषित किए गए थे। राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 145 है। चुनाव में भाजपा ने 132 सीट, शिवसेना ने 57 और राकांपा ने 41 सीट हासिल की।