नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की और पड़ोसी बांग्लादेश में हिंदू सहित धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले के मुद्दे पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की गिरफ्तारी और चटगांव जिले में मंदिर को नुकसान पहुंचाने के मुद्दों पर भी बात की। मुलाकात के बाद जयशंकर कल संसद के दोनों सदनों को इस मुद्दे पर जानकारी दे सकते हैं, बशर्तें विपक्षी दलों के सदस्य कार्यवाही में कोई व्यवधान न डालें। यह मामले तब सामने आए हैं, जब अगस्त में छात्रों के नेतृत्व में एक हिंसक आंदोलन के चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा और भागकर भारत आना पड़ा। इसके बाद बांग्लादेश की सेना ने कुछ समय के सरकार की कमान संभाली और फिर नोबेल पुस्कार सम्मानित मोहम्मद यूनुस की अगुवाई में एक अंतरिम सरकार का गठन हुआ। हालांकि, यूनुस सरकार पर आरोप लग रहा है कि वह हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हो रहे हमलों को रोकने में नाकाम रही है।  चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा कि अगस्त से अब तक हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर कट्टरपंथी तत्वों की ओर से हमले किए गए हैं। मंत्रालय ने बताया कि इन हमलों में अल्पसंख्यकों के घरों और व्यवसायों को जलाना, लूटपाट, देवताओं और मंदिरों का अपमान शामिल है। दूसरी ओर यूनुस सरकार का कहना है कि बांग्लादेश में हर नागरिक को बिना रुकावट के अपने धार्मिक विशस्वास को निभाने और अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है, चाहे वह किसी किसी भी धर्म का हो। ढाका से करीब 300 किलोमीटर उत्तर में स्थित रंगपुर में हाल ही में विरोध प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारी धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए मजबूत कानूनी संरक्षण और एक मंत्रालय बनाने की मांग कर रहे थे। इसके साथ ही इस महीने देशद्रोह के आरोप में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के प्रमुख चेहरे चिन्मय कृष्ण दास की भी गिरफ्तारी हुई, जो हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के विरोध में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे। बांग्लादेश में करीब आठ फीसदी हिंदू हैं और देश में हिंदुओं की कुल जनसंख्या एक करोड़ 70 लाख है। वहीं उधर स्कॉन संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी का मुद्दा भारत में लगातार छाया हुआ है। गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा में बांग्लादेश मुद्दे पर बात की और कहा कि वह इस मामले में केंद्र के साथ हैं। सीएम ममता ने कहा कि हम नहीं चाहते कि किसी भी धर्म को चोट पहुंचे। मैंने इस्कॉन से बात की। यह एक दूसरे देश का मामला है और केंद्र सरकार को इसके खिलाफ उचित कारर्वाई करनी चाहिए। हम इस मुद्दे में केंद्र सरकार के साथ हैं।उधर  बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस्कॉन के चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए अंतरिम सरकार से उन्हें तुरंत रिहा करने के लिए कहा है। हसीना ने कहा कि सनातन धर्म के एक प्रमुख नेता को अन्यायपूर्ण तरीके से गिरफ्तार किया गया है। हसीना ने कहा कि चटगांव में एक मंदिर को जला दिया गया।