मुंबई :  महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)नीत महायुति गठबंधन ने शनिवार को प्रचंड बहुमत के साथ अपनी सत्ता बरकरार रखी। राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन ने 236 सीट पर जीत दर्ज की, जबकि महा विकास आघाडी (एमवीए) का सत्ता हासिल करने का सपना चकनाचूर हो गया और विपक्षी गठबंधन महज 49 सीट पर सिमट गया। चुनाव नतीजों की निश्चितता के बाद अब सबका ध्यान भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस पर केंद्रित हो गया है जो अपनी पार्टी की शानदार जीत के सूत्रधार माने जा रहे हैं। राजनीतिक हलकों में ऐसी खबरें जोरों पर हैं कि राज्य के दूसरे ब्राह्मण मुख्यमंत्री फडणवीस तीसरी बार यह पद संभालेंगे। मनोहर जोशी महाराष्ट्र के पहले ब्राह्मण मुख्यमंत्री थे। पहले ही अटकलें शुरू हो गई हैं कि नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को हो सकता है । निर्वाचन आयोग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने अब तक 130 सीट जीती हैं। शिवसेना (शिंदे गुट) ने 57 सीट जीती हैं, जबकि राकांपा (अजित पवार गुट) ने 41 सीटों पर जीत हासिल की। विपक्षी महा विकास आघाडी (शिवसेना-उबाठा), कांग्रेस और (राकांपा-एसपी))को करारी हार का सामना    करना पड़ा, उसके उम्मीदवार मात्र 49 सीट जीते सके। नतीजों के अनुसार, महाराष्ट्र में निम्न सदन में नेता प्रतिपक्ष नहीं हो सकता है, क्योंकि नियमानुसार किसी भी पार्टी के पास विधानसभा के कुल सदस्यों का कम से कम 10 प्रतिशत सदस्य होना चाहिए तथा गठबंधन के रूप में यह संख्या नहीं जुटाई जा सकती है। विजेताओं में भाजपा के कालिदास कोलंबकर भी शामिल हैं, जिन्होंने वडाला निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना (उबाठा) की श्रद्धा जाधव को 16 चरण की मतगणना के बाद 24,973 मतों से मात दी और लगातार नौवीं बार विधायक बने। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस तथा अजित पवार ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जीत दर्ज की। कांग्रेस के वरिष्ठ पृथ्वीराज चव्हाण और बालासाहेब थोराट अपना-अपना चुनाव हार गए हैं। एकनाथ शिंदे ने कहा कि विधानसभा चुनाव के नतीजे ऐतिहासिक हैं और इससे पता चलता है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिवसेना किसकी पार्टी है। फडणवीस ने कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई विवाद नहीं है और महायुति के नेता मिलकर इस मुद्दे पर निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि नतीजों से पता चलता है कि राज्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का समर्थन करता है। उन्होंने महिला मतदाताओं को भी धन्यवाद दिया। फडणवीस ने कहा कि फर्जी बयानबाजी और धर्म के आधार पर मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने के विपक्ष के प्रयासों को जनता ने नाकाम कर दिया।  उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाताओं, भाजपा टीम और पार्टी नेताओं के समर्थन से वह विपक्ष के चक्रव्यूह को तोड़ने में सफल रहे।  भाजपा महासचिव विनोद तावडे ने संवाददाताओं से कहा कि फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने मिलकर काम किया और लोगों का भरोसा जीता। शरद पवार ने शिवसेना और भाजपा के स्वाभाविक गठबंधन को तोड़ दिया। इससे बालासाहेब ठाकरे के वोटर नाराज थे। उन्होंने शिवसेना नेता संजय राउत का नाम लिए बिना कहा कि हर दिन, भांडुप से कोई न कोई व्यक्ति राज्य की राजनीति को दूषित करता है।  महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए मतों की गिनती शनिवार सुबह आठ बजे शुरू हुई। इस चुनाव में सभी की निगाहें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत महायुति और सत्ता में वापसी की कोशिश में जुटे महा विकास आघाडी (एमवीए) के बीच मुकाबले के नतीजे पर टिकी रही। इस बार चुनाव में अंतिम मतदान प्रतिशत 66.05 रहा, जो 2019 में 61.1 प्रतिशत था।  महायुति गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी ने 149 विधानसभा सीट पर, शिवसेना ने 81 सीट पर और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने 59 निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे थे। विपक्ष के एमवीए गठबंधन में, कांग्रेस ने 101 उम्मीदवार, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने 95 और राकांपा (शरदचंद्र पवार) ने 86 उम्मीदवार खड़े किए थे। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एवं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) जैसी पार्टी ने भी चुनाव लड़ा, जिसमें बसपा ने 237 उम्मीदवार और एआईएमआईएम ने 17 उम्मीदवार खड़े किए थे।