नई दिल्ली : संसद का शीतकालीन सत्र दो विधानसभा चुनाव के नतीजे के बाद आहूत हो रहा है। शीतकालीन सत्र में विपक्ष सरकार को मणिपुर में लगातार खराब हो रहे हालात पर घेरने की तैयारी कर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष ने वक्फ संशोधन विधेयक के मसौदे पर होमवर्क पूरा कर लिया है। दोनों ही मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में हंगामा होने की उम्मीद है। इसके अलावा एक बड़ा मुद्दा ओद्यगिक क्षेत्र से जुड़ा है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सचिवालय के सूत्र बताते हैं कि उद्योगपति गौतम आदाणी के मामले को भी संसद में मुद्दा बनाने की तैयारी है। कानून मंत्रालय ने वक्फ संशोधन विधेयक के मसौदे को लेकर तमाम विशेषज्ञों से सुझाव मंगाए थे। मंत्रालय की एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने बहुत पहले ही अपनी सलाह मंत्रालय को भेज दिया है। इसमें कई संशोधनों पर प्रकाश डाला गया है। इस वक्फ संशोधन विधेयक और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक 2024 को लेकर संसद की संयुक्त समिति को शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह में अपनी रिपोर्ट लोकभा को सौंपनी है। इस विधेयक पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा कराकर इसे मंजूरी दिलाने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। वक्फ संसोधन विधेयक के मसौदे को लेकर संसद की संयुक्त समिति के चेयरमैन और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने भी जानकारी दी है कि वह जल्द ही रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंप देंगे। हालांकि, संसद की संयुक्त समिति के सदस्य अभी इससे सहमत नहीं है। वह वक्फ संशोधन विधेयक के मसौदे पर चर्चा के लिए और समय चाहते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि वक्फ संशोध विधेयक के मसौद को सदन में पेश किए जाने के बाद हंगामा मचना तय है। इसके अलावा सरकार शीत कालीन सत्र में 15 और विधेयकों को भी पेश करने की तैयारी कर रही है। शीत कालीन सत्र के लिए सरकार ने जिन विधेयकों को सूचीबद्ध किया है, उनमें पांच नए विधेयक हैं। मणिपुर के जिरीबाम जिले में हिंसा की घटना ने एक बार फिर इस मुद्दे को जीवंत बना दिया है। मामले की गंभीरता को देखकर कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। इसमें खरगे से प्रधानमंत्री से मणिपुर के हालात को लेकर कई सवाल पूछे थे। हिंडन बर्ग की रिपोर्ट से उबरे उद्योगपति गौतम अदाणी पर अब भारतीय अफसरों को रिश्वत देने और धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। इसको लेकर न्यूयार्क की अदालत में अपराधिक मामला दर्ज किया है। इस मुद्दे ने शेयर मार्केट के साथ-साथ कई देशों में अदाणी समूह के लिए मुसीबत बढ़ाया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पहले से ही गौतम अदाणी को लेकर सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। राहुल के सचिवालय के सदस्य भी अदाणी समूह और भारतीय अफसरों पर लगे आरोप को काफी गंभीर मुद्दा मान रहे हैं। ऐसे में इसकी पूरी संभावना है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्टीकरण की मांग कर सकते हैं।
शीतकालीन सत्र : सदन में जबर्दस्त मुकाबले की उम्मीद