आयुर्वेद में कई ऐसे पौधे हैं, जिन्हें सेहत के लिए वरदान माना जाता है। ऐसे ही एक पौधे का नाम है मोरिंगा। मोरिंगा को सहजन, मिरेकल ट्री या ड्रमस्टिक प्लांट के नाम से भी जाना जाता है। मोरिंगा के पत्ते, फल, बीज, छाल, जड़ आदि सभी चीजों का उपयोग किया जाता है। लेकिन बात अगर मोरिंगा के पत्तों में मौजूद पोषक तत्वों की करें तो कैल्शियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस, आयरन और विटामिन ए, डी, सी के साथ प्रोटीन और अमीनो एसिड भी प्रचूर मात्रा में मौजूद होते हैं। जो डायबिटीज रोगियों के साथ हाई बीपी, थायरॉयड और एनीमिया की समस्या में भी राहत पहुंचाने का काम करती हैं। आइए जानते हैं मोरिंगा के पत्ते खाने से सेहत को मिलते हैं क्या फायदे 

मोरिंगा में लोहा, विटामिन सी, फोलिक एसिड, विटामिन बी12 और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्व शरीर में हीमोग्लोबिन बनाकर ऑक्सीजन सप्लाई करने में मदद करते हैं। बता दें, इसमें मौजूद विटामिन सी आयरन अवशोषण में मदद करता है, जिससे एनीमिया की समस्या से बचाव हो सकता है।

बेहतर पाचन- मोरिंगा की पत्तियों में मौजूद फाइबर पाचन को अच्छा बनाए रखने में सहायता करता है। बता दें, फाइबर मल त्याग को नियंत्रित करने, कब्ज को रोकने और स्वस्थ आंत को बढ़ावा देने में मदद करता है। मोरिंगा के सूजनरोधी गुण पाचन तंत्र को भी शांत कर सकते हैं, जिससे सूजन और अन्य असुविधाओं से राहत मिलती है।

थायरॉयड- मोरिंगा में आयोडीन, एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन ए, सी और ई, जिंक तथा सेलेनियम जैसे पोषक तत्व थायरॉयड के कार्यों को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। बता दें, इन पत्तियों में मौजूद आयोडीन थायरॉयड हार्मोन के संतुलन में मदद करता है।

डायबिटीज- मोरिंगा के पत्तों में शक्तिशाली फाइटोकेमिकल्स मौजूद होते हैं, जो ब्लड में शुगर लेवल को कम करने में मदद कर सकते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल, लिपिड और ऑक्सीडेटिव तनाव के स्तर को भी कम कर सकते हैं जो शरीर में डायबिटीज के विकास में योगदान कर सकता है।