तिल  की चटनी खाने का सबसे बड़ा फायदा है कि यह आयरन से भरपूर होती है और शरीर में खून की कमी को दूर करती है। यह चटनी फाइबर से भरपूर भी है, जोकि पेट साफ करती है और अपच और एसिडिटी जैसी परेशानियों से बचाती है। यह एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है जो कि शरीर में सूजन को कम करने में मदद करती है। डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और हड्डियों से जुड़ी परेशानियों से जूझ रहे लोगों के लिए भी फायदेमंद है। तिल के बीज एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं जो कि इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही ये ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद करता है और कोशिकाओं को इसके नुकसान से बचाते हैं। इसके इस गुण का सबसे ज्यादा फायदा दिल से जुड़ी बीमारियों के रोगी को होता है जो कि इस चटनी का रेगुलर सेवन कर दिल की कोशिकाओं और सेल्स को हेल्दी रख सकते हैं। तिल आपके मेटाबॉलिज्म को तेज करता है और फैट पचाने में मदद करता है। इससे आप जो भी तला-भुना खा रहे होते हैं वो तेजी से पच जाता है और आपको एसिडिटी और अपच की शिकायत भी नहीं होती।

इसे खाने से हाई कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में मदद मिल सकती है। तिल की चटनी में पॉलीअनसेचुरेटेड और मोनोअनसैचुरेटेड फैट होता है जिसे खाने से कोलेस्ट्रॉल को कम करने में और हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। 

सामग्री : 1 कप सफेद तिल, 2 टेबलस्पून मूंगफली, 1 टेबलस्पून इमली का गूदा, 3 सूखी लाल मिर्च, 1 टीस्पून राई, 3-4 कलियां लहसुन की, नमक स्वादानुसार, 1 टीस्पून तेल।

विधि : तिल की चटनी बनाने के लिए सबसे पहले मीडियम आंच पर एक पैन में बारी-बारी से मूंगफली और तिल को हल्का भून लें।  अब ग्राइंडर जार में तिल, 2 सूखी लाल मिर्च, मूंगफली, लहसुन, इमली का गूदा, नमक और पानी डालकर गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें।  अब मीडियम आंच पर पैन में तेल डालकर गर्म कर लें।  इसमें राई और सूखी लाल मिर्च तड़काएं। तैयार पेस्ट को इसमें डालकर गैस बंद कर दें। तैयार है तिल की चटनी। इडली या डोसे के साथ इसे सर्व करें।