पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने असम में ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटाले की जांच तेज कर दी है। सीबीआई ने खुलासा किया है कि असम में ऑनलाइन ट्रेडिंग जालसाजों ने न केवल राज्य के बल्कि पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के निवेशकों से करोड़ों रुपए वसूले हैं। असम सरकार ने ट्रेडिंग धोखाधड़ी के 41 मामले सीबीआई को सौंपने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो अब देशभर में छापेमारी कर रही है। अनियंत्रित जमा योजना निषेध अधिनियम 2019 के तहत पंजीकृत ऑनलाइन ट्रेडिंग धोखाधड़ी के 41 मामलों के आधार पर सीबीआई पहले ही असम सहित 5 राज्यों में 92 स्थानों पर छापेमारी कर चुकी है। छापेमारी के दौरान सीबीआई ने 24 मोबाइल फोन, 18 डेस्कटॉप, 7 हार्ड ड्राइव और 11 लैपटॉप जब्त किए। एजेंसी ने एक बयान में कहा, सीबीआई ने ऑपरेशन के माध्यम से जालसाजों के साथ पैसा निवेश करने वाले लोगों के बारे में बहुत सारी जानकारी हासिल की है। ऑनलाइन ट्रेडिंग धोखाधड़ी मामले में सीबीआई ने गोपाल पाल नाम के भगोड़े आरोपी को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से गिरफ्तार किया है। उल्लेखनीय है कि गोपाल पाल ने एजेआरएस मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर सैकड़ों ग्राहकों से करोड़ों रुपए वसूले थे। गिरफ्तार गोपाल पाल को पहले ही गुवाहाटी में सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया और हिरासत में ले लिया गया। इससे पहले ऑनलाइन ट्रेडिंग धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में धुबड़ी के हलाकुरा हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल दिनेश राय को भी गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई धुबड़ी जिले के धुबड़ी, गौरीपुर, गोलकगंज और तामारहाट पुलिस स्टेशनों में दर्ज छह मामलों की जांच कर रही है। इस दौरान जांच अधिकारी की कानूनी त्रुटियों के कारण सीबीआई द्वारा गिरफ्तार अम्लान बोरा और रंजीत काकती जैसे कई जालसाजों को गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने जमानत दे दी। गौरतलब है कि इस बीच गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता के तहत ऑनलाइन ट्रेडिंग अपराधों पर मुकदमा चलाने के सीबीआई के अधिकार पर भी सवाल उठाया है।
ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटाला : सीबीआई ने 5 राज्यों में 92 ठिकानों पर मारे छापे