पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : असम चाय निगम को समाप्त कर दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने अब 14 चाय बागानों के श्रमिकों के 70 करोड़ रुपए के बकाया का भुगतान करने के लिए निगम की संपत्तियों की नीलामी करने का कदम उठाया है। न्यायमूर्ति एस ओका और न्यायमूर्ति एजी मासी की पीठ ने बृहस्पतिवार को निगम के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक को 7 दिसंबर के भीतर निगम की संपत्ति का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही मुख्य सचिव रवि कोटा को उक्त मामले पर राज्य सरकार की स्थिति स्पष्ट करने के लिए अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था। मुख्य सचिव ने बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष स्पष्टीकरण दिया कि राज्य सरकार पिछले दो वर्षों से घाटे में चल रहे असम चाय निगम की मदद करने की स्थिति में नहीं है। चाय निगम जैसी घाटे का सामना कर रही कंपनी को वित्तीय सहायता प्रदान करना राज्य के व्यापक हितों के विपरीत होगा। इसलिए कानून और कंपनी के नियमों और विनियमों के अनुसार कोई भी कार्रवाई की जा सकती है। इसके बाद पीठ ने असम चाय निगम के अध्यक्ष को 7 दिसंबर के भीतर निगम की संपत्ति का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि चाय श्रमिकों के बकाया का भुगतान निगम की संपत्ति की नीलामी करके किया जाएगा। निगम का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने सुनवाई के दौरान कहा कि निगम को पिछले दो वर्षों में 120 करोड़ रुपए का वित्तीय नुकसान हुआ है।
नहीं रहेगा असम चाय निगम, सुप्रीम कोर्ट ने निगम की संपत्तियों की नीलामी का दिया निर्देश