धरती पर मौजूद लोग एक दिन में सिर्फ एक बार सूर्योदय और एक बार सूर्यास्त देख पाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन यानी ढ्ढस्स् में रहने वाले अंतरिक्ष यात्री एक दिन में 16 बार सूर्योदय और सूर्यास्त देख सकते हैं। 5 महीने से स्पेस स्टेशन में फंसी सुनीता विलियम्स रोजाना 16 बार सूर्योदय और सूर्यास्त देखती हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि ऐसा कैसे पॉसिबल होता है? तो चलिए आपको सबकुछ बताते हैं। बता दें कि भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 6 जून 2024 से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में हैं। सुनीता विलियम्स  ने इस बार स्पेस स्टेशन में ही दिवाली मनाई। दरअसल, दिवाली से दो दिन पहले अमरीकी राष्ट्रपति के आवास पर दिवाली सेलिब्रेट की गई और इस दौरान सुनीता विलियम्स का एक वीडियो भी चलाया गया, जिसमें उन्होंने दिवाली की बधाई दी। इस दौरान अमरीका के सर्जन जनरल डॉ. विवेक मूर्ति  ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि सुनीता विलियम्स रोजाना 16 बार सूर्योदय और सूर्यास्त देखती हैं।

कैसे एक दिन में 16 सूर्योदय और सूर्यास्त?

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पृथ्वी से करीब 260 मील यानी करीब 418 किलोमीटर ऊपर है और हर समय करीब 17500 मील प्रति घंटे यानी 28160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धरती के चारों तरफ घूमता है। इसकी स्पीड 5 मील प्रति सेकेंड यानी 8 किलोमीटर प्रति सेकेंड है। स्पेस स्टेशन की स्पीड का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह सिर्फ 90 मिनट में धरती का एक चक्कर पूरा कर लेता है। इस हिसाब से स्पेस स्टेशन एक दिन में 16 बार पृथ्वी का चक्कर लेता है। इस वजह से अंतरिक्ष स्टेशन में रहने वाले अंतरिक्ष यात्री एक दिन में 16 सूर्योदय और 16 सूर्यास्त देखते हैं।

5 महीने से स्पेस स्टेशन में फंसी हैं सुनीता विलियम्स

 दरअसल, सुनीती विलियम्स 4 जून को बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट से अंतरिक्ष गई थीं और 25 घंटे बाद वहां पहुंची थी। इस मिशन से तहत उनको 8 दिन स्पेस स्टेशन में रहना था। कई तरह के रिसर्च और एक्सपेरिमेंट के बाद उन्हें 13 जून को धरती पर वापस आना था, लेकिन स्पेसक्राफ्ट में तकनीकी दिक्कत की वजह से वो पिछले 5 महीने से वहीं फंसी हुई हैं।