पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : गुवाहाटी को दक्षिण पूर्व एशिया के प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित करने के प्रयासों के सिलसिले में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने बुधवार को गुवाहाटी के चचल में नंदी मिकिर प्राथमिक विद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीकृत नियंत्रण और निगरानी प्रणाली (सीसीएमएस) के साथ स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग के पहले चरण का उद्घाटन किया। गौरतलब है कि गुवाहाटी स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत कार्यान्वित इस परियोजना का कुल खर्च 83.96 करोड़ रुपए अनुमानित है। इस पहल के हिस्से के रूप में, 20,667 स्मार्ट स्ट्रीट लाइटें लगाने की योजना है, जिनमें से 11,000 से अधिक पहले ही चालू हो चुकी हैं। 10,000 स्ट्रीट लाइटों की स्थापना के साथ शहर के भीतर 944 गलियां अब रोशन हो गई हैं। यह प्रणाली उन्नत क्लाउड-आधारित प्रबंधन तकनीक से लैस है, जो दूर से संचालन और प्रकाश की तीव्रता को समायोजित करने में सक्षम है। ऊर्जा संरक्षण और परिचालन लागत को कम करने के लिए, सिस्टम आधी रात के बाद स्ट्रीट लाइट की तीव्रता को स्वचालित रूप से कम कर देगा। इसमें बेहतर रिमोट मॉनिटरिंग और नियंत्रण के लिए एक वेब-आधारित सीसीएमएस भी शामिल है। ऊर्जा संरक्षण और परिचालन लागत को कम करने के लिए, सिस्टम आधी रात के बाद स्ट्रीट लाइट की तीव्रता को स्वचालित रूप से कम कर देगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ शर्मा ने पिछले दो से तीन वर्षों में वर्तमान राज्य सरकार द्वारा गुवाहाटी के कई क्षेत्रों में अंधेरे को खत्म करके रोशनी बढ़ाने के लिए चल रहे प्रयासों पर टिप्पणी की। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि 2023 में शहर की स्ट्रीट लाइट प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए गुवाहाटी नगर निगम और असम सरकार के बीच एक संयुक्त उद्यम के रूप में गुवाहाटी यूटिलिटी कॉरपोरेशन का गठन किया गया था। इस निगम को स्ट्रीट लाइट नेटवर्क में स्मार्ट तकनीक को एकीकृत करने, एकल कमांड सेंटर के माध्यम से केंद्रीकृत नियंत्रण को सक्षम करने, मोबाइल ऐप-आधारित प्रबंधन की अतिरिक्त सुविधा का काम सौंपा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि गुवाहाटी के शहरी विकास में लंबे समय से महत्वपूर्ण निवेश की कमी थी, लेकिन हाल के वर्षों में बदलाव देखा गया है, जिसमें वर्तमान राज्य सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से शहर पर दबाव कुछ हद तक कम हुआ है। उन्होंने कहा कि गुवाहाटी और उत्तरी गुवाहाटी के बीच पुलों के निर्माण के साथ-साथ पलाशबाड़ी को सुआलकुची और नारेंगी को कुरुआ से जोड़ने वाली परियोजनाओं से पड़ोसी क्षेत्रों को महानगरीय क्षेत्र में एकीकृत किया जाएगा, जिससे मुख्य शहर पर दबाव कम होगा। डॉ. शर्मा ने कहा कि स्वचालित ट्रैफिक सिग्नल और स्मार्ट स्ट्रीट लाइट की शुरुआत के साथ-साथ 1 जनवरी को पूरे गुवाहाटी में सीसीटीवी कैमरों की लंबे समय से प्रतीक्षित स्थापना का उद्घाटन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से चल रही जल आपूर्ति परियोजना के दिसंबर 2024 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिससे 1,50,000 लोगों को नए जल कनेक्शन का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री अशोक सिंघल, गुवाहाटी नगर निगम के मेयर मृगेन सरानिया, आवास एवं शहरी मामलों के विभाग की आयुक्त एवं सचिव कविता पद्मनाभन, गुवाहाटी नगर निगम की आयुक्त मेघा निधि दहल, गुवाहाटी यूटिलिटीज कंपनी लिमिटेड के उप प्रबंध निदेशक मुग्धाज्योति देव महंत, गुवाहाटी नगर निगम के परिषद सदस्य और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।