श्विक स्तर पर बढ़ती कई तरह की क्रोनिक बीमारियों के लिए लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी को प्रमुख कारण माना जाता रहा है। हम जो कुछ भी खाते हैं, शरीर पर उसका सीधा असर होता है। यही कारण है कि सभी लोगों को अपने खान-पान को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है। अधिक शर्करा, हाई कैलोरी वाली चीजों को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों की समस्याओं को बढ़ाने वाला माना जाता रहा है। मधुमेह के बढ़ते जोखिमों को देखते हुए एक हालिया अध्ययन में विशेषज्ञों ने उन लोगों को चेताया है जो अक्सर समोसे, पकौड़े और चिप्स जैसी चीजें खाते हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि समोसा, पकौड़े, चिप्स जैसे तले हुए खाद्य पदार्थों के सेवन से भारत में मधुमेह महामारी बढ़ती जा रही है। इसके पहले के कई अध्ययनों में भी भारतीय आबादी में बढ़ती इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंता जताते रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि भारत में मधुमेह एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है। मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन और आईसीएमआर द्वारा किए गए अध्ययन से पता चला है कि भारत में 101 मिलियन (10.1 करोड़) से अधिक लोग मधुमेह से पीड़ित हैं, वहीं 13 करोड़ से अधिक लोग प्री-डायबिटिक स्थिति में हैं, जिनमें भविष्य में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा हो सकता है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फूड साइंसेज एंड न्यूट्रिशन में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं की टीम ने डायबिटीज के खतरे के लिए एडवांस ग्लाइकेशन एंड प्रोडक्ट्स (एजीई) वाली चीजों के सेवन को बड़ा जोखिम कारक माना है। केक, चिप्स, कुकीज, तले हुए खाद्य पदार्थ, मेयोनीज और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में एजीई की मात्रा अधिक होती है। अपनी तरह का यह पहला क्लिनिकल परीक्षण है। विशेषज्ञों ने कहा कि हम खतरनाक स्थिति में हैं, डायबिटीज के कारण स्वास्थ्य क्षेत्र पर दबाव बढ़ता जा रहा है, इसे नियंत्रित किया जाना बहुत आवश्यक है।
अक्सर समोसे-पकौड़े खाते हैं तो हो जाइए सावधान