जीभ को लेकर अक्सर लोग लापरवाह होते हैं। जबकि जब भी डॉक्टर के पास जाएं तो सबसे पहले वो आपकी जीभ देखता है,क्योंकि जीभ की मदद से पूरे शरीर का हाल पता चल जाता है। स्वस्थ शरीर में जीभ का रंग हल्के गुलाबी रंग का होता है। अगर किसी तरह की बीमारी शरीर में हो रही है तो जीभ का रंग बदल जाता है। जानें जीभ का कौन सा रंग किस बीमारी की ओर इशारा करता है। क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक सामान्य जीभ का रंग गुलाबी होता है, लेकिन ये हर इंसान की जीभ का रंग हल्के से लेकर गाढ़े गुलाबी रंग में हो सकता है। जिसके ऊपर छोटे-छोटे उभार होते हैं। इन छोटे दानों या उभार को पापिले कहते हैं। जिसकी मदद से स्वाद आता है और चबाने, बोलने और निगलने में मदद मिलती है। जीभ के ये रंग खराब सेहत की निशानी होते हैं।
सफेद जीभ : जीभ अगर सफेद रंग की दिख रही है तो इसका मतलब है कि मुंह में फंगल इंफेक्शन हैं। इसके अलावा सफेद रंग की जीभ होने पर मुंह में यीस्ट जैसे बैक्टीरिया के बढ़ने का संकेत होता है। जिससे सूजन का खतरा रहता है।
पीली जीभ : अगर जीभ का रंग पीला सा नजर आ रहा है तो इसका मतलब है कि जीभ में बैक्टीरिया पनप रहे हैं। जो कि खराब ओरल हाइजीन की वजह से होता है। जब आप जीभ को रोजाना ठीक तरीके से साफ नहीं करते हैं तो ये जीभ पर बैक्टीरिया जमने लगते हैं और जीभ पीली दिखती है। लेकिन जीभ पीले रंग की होने के लिए ये कारण भी जिम्मेदार होते हैं।
लाल रंग की जीभ : जीभ का रंग बिल्कुल लाल सा दिख रहा है तो ये किसी खाने या दवा के एलर्जी की वजह से होता है। इसके अलावा लाल रंग की जीभ विटामिन ए और बी की कमी की वजह से भी होता है।
ग्रे रंग की जीभ : 2017 की स्टडी के मुताबिक ग्रे या फीकी सी रंग की दिख रही जीभ का कारण एक्जिमा होता है।
ब्लू टंग : जीभ में जब ऑक्सीजन की सप्लाई कम हो जाती है तो रंग नीला दिखने लगता है। इसका कारण ब्लड डिसऑर्डर, ब्ल्ड वेसल्स डिसीज या फिर फेफड़ों में आक्सीजन की कमी की वजह से होता है।