पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : राज्य के लोगों के लिए अच्छी खबर है। बोरो लोगों की विरासत संस्कृति के  8 उत्पादों को जीआई टैग यानी भौगोलिक सूचकांक प्रदान किए गए हैं। बड़ो लोगों के  अरनई, जोगैरन, मैबरा जो बिदेई, जो गिची, बोरो नाफाम, ओगुला, बोरो गोखा और बोरो नारजी को जीआई टैग प्रदान किया गया है। इस से पहले गामोचा और दखना सहित बोड़ो लोगों के आठ पारंपरिक वस्त्रों और वस्तुओं को जीआई टैग प्राप्त होने के बार फिर से और आठ पारंपरिक खाद्य पदार्थों और वस्त्रों को जीआई टैग प्राप्त हुआ है। शारदीय त्योहार के मौसम के दौरान जीआई टैग प्राप्त करने वाले वस्त्रों में बोड़ो लोगों की पारंपरिक अरनई और खाद्य पदार्थों में अनला, नारजी, नाफाम और चावल से बने तीन पारंपरिक बोरो जौ ग्रैन, मैबरा जौ बिदोई और बोरो जौ गिशी शामिल हैं। इसके साथ बोहाग बिहू या बैशागु के दौरान पारंपरिक रूप से तैयार की जाने वाली गौका गौखी को भी जीआई टैग प्राप्त हुआ है। गौरतलब है कि किसी क्षेत्र के स्थानीय उत्पादों, जिनकी प्रसिद्धि देश और दुनिया भर में फैलती है, ऐसे विश्व स्तर पर प्रशंसित उत्पादों को जीआई टैग या भौगोलिक संकेत दिए जाते हैं। जीआई टैग वाले उत्पाद सभी देशों में सभी लोगों के लिए स्वीकार्य होते हैं। इससे पहले असम के गामोचा, सुवालकुची के रेशमी कपड़े और सर्थेबाड़ी के कांसा उद्योग को जीआई टैग प्राप्त हुए थे।