गोलाघाट : असम में पर्यटन के मुख्य आकर्षण केंद्रों में प्रमुख तथा पूर्वोत्तर में विचित्र वन्य जीवों के हॉट स्पॉट के रूप में प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान को वर्ष 2024-25 पर्यटन वर्ष हेतु पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। आज सुबह भारी संख्या में पर्यटकों की भीड़ के बीच बोकाखात के विधायक तथा राज्य के कृृषि मंत्री अतुल बोरा, परिवहन मंत्री केशव महंत व सांसद कामाख्या प्रसाद तासा की उपस्थिति में वनमंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के मुख्य द्वार बागोरी के गेट का फीता काटकर इसकी औपचारिक रूप से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया। इस साल बाढ़ के दौरान इस उद्यान में हुई क्षति को तेजी से वन विभाग द्वारा दुरुस्त कर पर्यटकों के लिए तैयार कर दिया गया है। बताते चलें कि बाढ़ के चलते गत एक मई से हाथी सफारी और 16 मई से जीप सफारी पर रोक लगा दी गई थी। इसी साल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काजीरंगा दौरा महत्वपूर्ण रहा। वहीं प्रतिदिन वन्य जीवों को नजदीक से देखने का रोमांच और पर्यटकों के वाहनों को गैंडे द्वारा खदेड़ने की घटना भी सुर्खियों में रही। इस बीच काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में दुर्लभ प्रजाति के सूअर, लंबी पूछों वाले चूहे आदि कई विलुप्त वन्य जीवों के यहां पाए जाने से भी बाघ संरक्षित वनांचल घूमने आने वाले पर्यटकों की संख्या पूर्व की तुलना में बढ़ोत्तरी होने की एक वजह बनी हुई है। वर्ष 2023-24 वित्तीय वर्ष में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान आने वाले पर्यटकों की संख्या 3,27,574 होने जानकारी विभागीय सूत्रों के हवाले से दी गई, जिनमें कुल 3,13,574 भारतीय तथा 13,919 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। इन सभी पर्यटकों से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और बाघ संरक्षित अभयारण्य ने 8,81,84,161 रुपए का राजस्व संग्रह किया। उल्लेखनीय है कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के तीन वन संमंडलों में कुल 32,0961 पर्यटकों से 8,59,48,351 रुपए राजस्व, नगांव वन संमंडल ने 3,048 पर्यटकों से 16,11,810 रुपए राजस्व संग्रह करने में सफल रही। विगत पर्यटन वर्ष 2022-23 में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान ने देसी विदेशी कुल 3,14,796 पर्यटकों से कुल 8,33,85,483 रुपए राजस्व प्राप्त किया था। इसी क्रम में वर्ष 2023-24 वित्तीय वर्ष के दौरान 12,697 देसी-विदेशी पर्यटकों में वृद्धि होने के अलावा काजीरंगा में पूर्व से अधिक 47,98,678 रुपए का राजस्व प्राप्त करने में सफल रही। वहीं वन मंत्री ने इस बार भी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की आशा व्यक्त की है। बताते चलें कि इस मौके पर बागोरी वनांचल के साथ ही कोहरा और बुढ़ापहाड़ वनांचल को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया। आज वन मंत्री ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की संचालक सोनाली घोष, वन संमंडल प्राधिकारी अरुण बिघ्नेश आदि के साथ ही वन विभाग के अधिकारी कर्मियों की उपस्थिति में जीप सफारी की औपचारिक शुरुआत की गई। जीप सफारी से लौटने के बाद गीतांजलि कलिता के संचालन में आयोजित साधारण सभा में वन मंत्री पटवारी ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान को संरक्षित किए जाने की दिशा में स्थानीय लोगों के सहयोग किए जाने का आह्वान किया। स्थानीय लोगों के सहयोग के बिना विश्व प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान को संरक्षित करना असंभव होने का उल्लेख करते हुए कहा कि काजीरंगा आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों से होने वाली आमदनी से स्थानीय लोगों को को अर्थनैतिक तौर पर स्वावलंबी बनने का मार्ग प्रशस्त होगा। इस दौरान वन्यजीवों के बचाव में सहायक होने के उद्देश्य से भारतीय तेल निगम की ओर से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान संचालन पक्ष को एक वाहन प्रदान किया गया।