पूर्वांचल प्रहरी नगर संवाददाता जोरहाट : असम सरकार के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट जोरहाट-माजुली ब्रिज का निर्माण कार्य अधर में लटकने के कारण राज्य के मुख्यमंत्री ने भी चिंता जाहिर की है, इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने आज केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को एक पत्र लिखकर जोरहाट-माजुली ब्रिज के बंद हुए निर्माण-कार्य की जानकारी दी। पत्र में सीएम ने बताया कि उत्तरी तट पर माजुली और दक्षिण तट पर जोरहाट के बीच ब्रह्मपुत्र नदी पर निर्माणाधीन इस टू-लेन ब्रिज की मौजूदा स्थिति से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि अगस्त 2021 में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से ईपीसी के जरिए यूपी स्टेट ब्रिज कॉर्पोरेशन लिमिटेड को इस निर्माण-कार्य का ठेका प्रदान किया गया था। सीएम के अनुसार यह परियोजना इस क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जिसकी कुल लागत लगभग 650 करोड़ रुपए निर्धारित है और अगले वर्ष दिसंबर 2025 तक काम पूरा होने की उम्मीद है। सीएम ने लिखा कि हाल ही में उनके संज्ञान में आया है कि निर्माण कार्य पांच सितंबर 2024 से रुका हुआ है, जो चिंता का विषय है। यह देखते हुए कि शुष्क मौसम शुरू हो गया है तथा यह अवधि स्थिर प्रगति सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में इस स्तर पर किसी भी देरी के परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण समय का पर्याप्त नुकसान हो सकता है, जिससे जरूरी लागत और समय भी बढ़ सकता है। सीएम ने लिखा कि प्राप्त रिपोर्टों से पता चलता है कि ठेकेदार प्रतिष्ठान यूपी स्टेट ब्रिज कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने साइट छोड़ दी है, जिसके चलते काम रुक गया है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि अधिक देरी से इस महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना का समय पर पूरा होना खतरे में पड़ जाएगा, जो माजुली और पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के त्वरित हस्तक्षेप की मांग करते हुए तत्काल सुधारात्मक उपाय तलाशने का अनुरोध किया। सीएम के अनुसार यदि आवश्यकता पड़ती है तो इसमें बिना किसी देरी के परियोजना को फिर से निविदा देने की प्रक्रिया शुरू करना शामिल हो सकता है। वैकल्पिक रूप से यह सुनिश्चित करने के लिए उचित कार्रवाई की जा सकती है कि दिसंबर 2025 की लक्ष्य पूर्णता तिथि से समझौता किए बिना काम फिर से शुरू हो। मालूम हो कि जोरहाट के सांसद गौरव गोगोई ने भी इस मुद्दे को लेकर कल राज्य के मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजा था। सांसद ने जोरहाट-माजुली ब्रिज के बंद पड़े निर्माण-कार्य के साथ दिघलीपुखरी-नुनमाटी एफसीआई फ्लाईओवर के निर्माण तथा जोरहाट के प्रस्वावित एटी रोड-बरुवा चाराली फ्लाई ओवर के निर्माण से आने वाले दिक्कतों से भी सीएम को अवगत कराया। उल्लेखनीय है कि जोरहाट-माजुली को जोड़ने वाले लगभग सात किलोमीटर लंबे इस ब्रिज के निर्माण का लगभग 25 प्रतिशत काम संपूर्ण हो चुका है। बताया जाता है कि निर्माता प्रतिष्ठान यूपी स्टेट ब्रिज कॉर्पोरेशन लिमिटेड और बद्रीराय कंस्ट्रक्शन के बीच अंदरूनी कलह होने के चलते उक्त निर्माण-कार्य को अधर में छोड़ा गया। आरोप यह भी है कि निर्माण-कार्य के दौरान कई श्रमिकों को वहां से हटा दिया गया था, जिसके चलते गत पांच सितंबर से वहां निर्माण-कार्य ठप्प पड़ा हुआ है। यह बात भी सामने आ रही है कि निर्माण स्थल से कई सामान तथा मशीनों को हटाया गया है। इसको लेकर माजुलीवासियों को अंदेशा हो रहा है कि ब्रिज का निर्माण समय पर पूरा होगा या नहीं। इधर इस पूरे मामले के संदर्भ में एनएचआईडीसीएल को किसी तरह की जानकारी न होने की बात भी सामने आई है।
हिमंत ने गडकरी को लिखा पत्र