पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : गौहाटी हाईकोर्ट में दायर कई रिट याचिकाओं  पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति देवाशीष बरुवा की पीठ ने असम जीएसटी  की ओर से जारी डिमांड नोटिसों को निरस्त कर दिया है। याचिकाकर्ताओं की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता अमित गोयल ने हाई कोर्ट में कहा कि असम जीसटी अधिकारियों ने बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए कारण बताओ नोटिसों का सारांश प्रस्तुत किया। परिणामस्वरूप याचिकाकर्ताओं को जवाब देने का कोई मौका नहीं दिया गया जो कि सामान्य न्याय नीति का उल्लंघन है। अधिवक्ता गोयल ने आगे दलील पेश करते हुए कहा कि असम जीएसटी विभाग द्वारा जारी नोटिस और डिमांड में कहीं भी कोई हस्ताक्षर या डिजिटल हस्ताक्षर नहीं था। अतः विभाग की ओर से जारी उक्त नोटिस और डिमांड वैध नहीं माना जा सकता है। न्यायमूर्ति देवाशीष बरुवा ने तमाम तथ्यों को ध्यान में रखते हुए असम जीएसटी द्वारा जारी नोटिस और डिमांड को निरस्त कर दिया।