वाशिंगटन : भारत ने सर्विकल कैंसर के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रोग की जांच एवं निदान के लिए 75 लाख अमरीकी डालर का अनुदान देने का संकल्प लिया है। डेलावेयर में शनिवार को ‘क्वाड’ देशों के नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा आयोजित ‘कैंसर मूनशॉट’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह पहल हिंद-प्रशांत देशों में लोगों को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने में महत्वपूर्ण साबित होगी। ‘क्वाड कैंसर मूनशॉट’ एक अभूतपूर्व साझेदारी है, जिसका उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सर्विकल कैंसर से लड़कर लोगों की जान बचाना है। इस पहल के माध्यम से क्वाड देशों, भारत, अमरीका, जापान और ऑस्ट्रेलिया, ने हिंद-प्रशांत देशों में सर्विकल कैंसर की देखभाल और उपचार व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।  ‘कैंसर मूनशॉट’ पहल में भारत के योगदान के रूप में, मोदी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में कैंसर की जांच और निदान के लिए 75 लाख अमरीकी डालर के अनुदान की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत अपने अनुभव और विशेषज्ञता को साझा करने के लिए तैयार है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह अनुदान भारत के एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण के तहत दिया गया है। प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि भारत हिंद-प्रशांत में कैंसर की रोकथाम के लिए रेडियोथेरेपी उपचार और क्षमता निर्माण के लिए सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि हिंद-प्रशांत देशों को जीएवीआई के तहत भारत से टीके की चार करोड़ खुराक की आपूर्ति से लाभ होगा। उन्होंने कहा कि जीएवीआई दुनिया के सबसे गरीब देशों में रहने वाले बच्चों के लिए नए और कम इस्तेमाल किए जाने वाले टीकों और क्वाड कार्यक्रमों तक पहुंच में सुधार करने के लिए 2000 में बनाया गया एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है।