पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : हाल ही में संपन्न हुई तीसरी और चौथी श्रेणी की भर्ती परीक्षाओं के दौरान तलाशी के नाम पर कुछ महिला अभ्यर्थियों पर हुए अत्याचार को लेकर पूरे राज्य में तीखी प्रतिक्रिया हो रही है। इसलिए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने घोषणा की है कि आने वाले दिनों में होने वाली ऐसी परीक्षाओं के दौरान महिला अभ्यर्थियों की हवाई अड्डे की तर्ज पर तलाशी ली जाएगी। सीएम ने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि महिला उम्मीदवारों की भी तलाशी ली जाएगी। अगर महिला उम्मीदवारों की तलाशी नहीं ली जाए और वे अपने साथ कागजात ले आए तो क्या होगा? इसलिए महिलाओं की वैसे ही तलाशी ली जाएगी जैसे अनुमति लेकर एयरपोर्ट पर ली जाती है। अगर महिला होने के कारण उनकी तलाशी न ली जाए, तो कल को लड़के कहेंगे कि जब वे लड़कियों की तलाशी नहीं लेते  तो लड़कों की तलाशी क्यों लेते हैं? इसलिए, महिला अभ्यर्थियों से पूछा जाएगा कि क्या उन्हें तलाशी लिए जाने पर आपत्ति है। यदि वह कहता है कि उसे आपत्ति है तो उसे दूसरे कमरे में बैठकर परीक्षा देनी होगी।  उस कमरे में निरीक्षकों की संख्या बढ़ा दी जाएगी। सीएम ने यह भी कहा कि इस बार एक अभ्यर्थी की नियुक्ति कई पदों पर नहीं होगी। जो तृतीय श्रेणी और चतुर्थ श्रेणी दोनों में भर्ती होगा उसे चतुर्थ श्रेणी की नौकरी नहीं मिलेगी। दोनों में से केवल ऊपरी स्केल की नौकरी ही मिलेगी। एक व्यक्ति को दो नौकरी मिलने की व्यवस्था इस बार बंद हो जाएगी। यदि एक पद के लिए दो उम्मीदवारों का चयन किया जाता है, तो उम्मीदवारों का चयन लॉटरी द्वारा किया जाएगा।