पूर्वांचल प्रहरी निज संवाददाता बरपेटा रोड : बरपेटा रोड की सुसंतान तथा जीएल पब्लिकेशन के पूर्व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) स्वर्गीय. जीएल अग्रवाला की आज वृहस्पतिवार को बरपेटा रोड के विष्णु ज्योति सरोवर स्थित उनकी प्रतिमा के पास बरपेटा रोड साहित्य सभा और मारवाड़ी सम्मेलन, बरपेटा रोड शाखा के सौजन्य से 84वीं जयंती मनाई गई। इस कार्यक्रम में बरपेटा रोड के विभिन्न अनुष्ठान-प्रतिष्ठानों का पूरा सहयोग रहा। उल्लेखनीय है कि आज वृहस्पतिवार की सुबह नौ बजे पूर्वोत्तर के विकास पुरुष स्वर्गीय जीएल अग्रवाला की प्रतिमा के सामने बरपेटा रोड साहित्य सभा के अध्यक्ष हितेश दास ने दीप प्रज्ज्वलित किया, जबकि मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष सुरेश चौधरी ने पुष्प अर्पित कर स्वर्गीय अग्रवाला को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसी क्रम में मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष विनीत हरलालका, बरपेटा रोड लायंस क्लब के अध्यक्ष राजीव माहेश्वरी, कार्यक्रम के सलाहकार शिवरतन राठी, श्रीधर शर्मा, अशोक चुड़ीवाल, उपाध्यक्ष मनोज जैन, सचिव प्रमोद अग्रवाल, संपत प्रजापत, वृहतर व्यवसायी संस्था के कार्यालय सचिव सामाख्या प्रसाद जायसवाल सहित सैकड़ों लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इसके बाद साहित्य सभा के अध्यक्ष हितेश दास ने कहा कि स्वर्गीय जी.एल अग्रवाला ने समाज सेवा के साथ-साथ सांस्कृतिक जगत के लिए अनेक कार्य किए, जिनके लिए वे सदैव याद किए जाएंगे। उन्होंने विभिन्न जाति और जनगोष्ठी के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए सराहनीय कार्य किए। इस मौके पर श्री दास ने विस्तार से उनके व्यक्तित्व और कृृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीएल अग्रवाला की प्रतिमा आज की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत है। मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष सुरेश चौधरी ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव का विषय है कि स्वर्गीय अग्रवाला हमारे बरपेटा रोड की सुसंतान थे। मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष विनीत हरलालका ने कहा कि स्वर्गीय जीएल अग्रवाला असम में एक ऐसा नाम है, जिसने मारवाड़ी समाज को ज्योति प्रसाद अग्रवाला के पश्चात एक अलग पहचान दिलाई है। साथ ही असम में असमिया समाज के साथ मारवाड़ी समाज के बीच समन्वय बनाने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मारवाड़ी सम्मेलन के सलाहकार शिवरतन राठी ने कहा कि वह एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि एक संस्थान थे। उनके आदर्श एवं विचार आज भी असम के समाज के लिए अनुकरणीय एवं प्रासंगिक हैं। उन्होंने असमिया एवं मारवाड़ी संस्कृति को जोड़ने में समन्वय सेतु का काम किया। हमें उनके आदर्शों का अनुसरण करना चाहिए। श्रीधर शर्मा ने कहा कि स्वर्गीय जीएल अग्रवाला समाज को आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाई थी। वे एक निडर और साहसी पत्रकार भी थे। हम सोचते हैं कि एक व्यक्ति अकेला क्या कर सकता है पर एक व्यक्ति ने पूरे समाज को कैसे जोड़ कर उच्चाई तक पहुंचाया, इसका उदाहरण उनके व्यक्तित्व से मिलता है। लायंस क्लब के अध्यक्ष राजीव माहेश्वरी ने कहा कि आज हम सामाजिक कार्यकर्ता, संपादक और बरपेटा रोड में आयोजित असम साहित्य सभा के बरपेटा रोड अधिवेशन की स्वागत समिति के अध्यक्ष स्वर्गीय जीएल अग्रवाला की जयंती मना रहे हैं। इस अवसर पर मैं उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद कर रहा हूं। उनकी सामाजिक सेवा और साहित्यिक कार्यों ने हमारे समाज को समृद्ध बनाया है। उनकी विरासत हमें प्रेरित करती है और हमें अच्छे कार्यों की प्रेरणा देती है। आज के कार्यक्रम में बरपेटा रोड साहित्य सभा, मारवाड़ी युवा मंच, लायंस क्लब, बरपेटा रोड सार्वजनिक रास मंदिर,बरपेटा रोड व्यवसायी संस्था, बरपेटा रोड डेवलेपमेंट फॉर्म, बृहत्तर बरपेटा रोड सांस्कृतिक और समाज कल्याण महिला समिति सहित भारी संख्या में गणमान्य लोगों ने भाग लिया। दूसरी ओर स्वर्गीय अग्रवाला की 84वीं जयंती जीएल पब्लिकेशंस परिसर में भी मनाई गई। इस मौके पर पब्लिकेशंस के पदाधिकारियों, कर्मचारियों और पत्रकारों ने उनके व्यक्तित्व और कृृतित्व को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। साथ ही उनके पथ पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
पूर्वोत्तर के शिखर पुरुष जीएल अग्रवाला की 84वीं जयंती मनाई गइ