नई दिल्लीःमैदान पर आक्रामकता के लिए मशहूर स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और मुख्य कोच गौतम गंभीर दोनों दिल्ली से हैं और इनके बीच कई समानताओं में से एक यह भी है कि ईश्वर पर दोनों की अटूट आस्था है। बीसीसीआई टीवी के लिए एक-दूसरे से बातचीत में कोहली और गंभीर ने एक-दूसरे से कई समानताओं पर बात की। गंभीर ने बताया कि जब वह पंद्रह साल पहले नेपियर में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक टेस्ट बचाने की कोशिश में थे तब उन्होंने कैसे ‘हनुमान चालीसा’ पढ़ी और दो दिन तक चली एक यादगार पारी खेल डाली। इसी तरह 2014 में कोहली ने ऑस्ट्रेलिया में चार टेस्ट शतक लगाए थे और बल्लेबाजी के दौरान वह ‘ ओम नमः शिवाय’ जाप कर रहे थे। बीसीसीआई टीवी पॉडकास्ट पर कोहली ने गंभीर से पूछा ,‘ भारत ऑस्ट्रेलिया शृंखला पर बात करते हैं। सबसे खास हमारी धरती पर बनाया गया दोहरा शतक होगा। मैं जानना चाहता हूं कि उस समय दिमाग में क्या चल रहा था। इतने स्थिर और संयमित होकर कैसे खेला।’ गंभीर ने इस पर कहा कि मेरे बारे में बात करने की बजाय मुझे याद है कि ऑस्ट्रेलिया में जब तुमने बंपर शृंखला खेली थी। जहां तुमने बेशुमार रन बनाए और तुमने मुझे बताया कि तुम हर गेंद से पहले ओम नमः शिवाय बोल रहे थे। इससे तुम्हे मदद मिली। गंभीर ने 10 घंटे 43 मिनट तक चली पारी में 136 रन बनाकर भारत को पारी की हार से बचाया था। गंभीर ने कहा कि नेपियर में ढाई दिन तक चली पारी के दौरान मैंने एक ही काम किया कि हनुमान चालीसा पढ़ता रहा। तुमने ओम नमः शिवाय जपा तो मैंने हनुमान चालीसा पढ़ी। इससे काफी मदद मिली। अपने कैरियर में ऐसे मौके कम आते हैं और वह अलौकिक अहसास है।
क्रिकेट और अध्यात्म :गंभीर ने ‘हनुमान चालीसा’ पढ़ी और कोहली ने ‘ओम नमः शिवाय’ जपा