पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : बाक्सा जिले के मुसलपुर में 100 करोड़ रुपए के अवैध ट्रेडिंग घोटाले के आरोपी मैनाओ ब्रह्म आखिरकार पुलिस के पकड़ में आ गया। बाक्सा पुलिस ने गुवाहाटी के बोरझार पुलिस की सहयोगिता से बुधवार रात को बोरझार हवाई अड्डे से धोखेबाज मैनाओ ब्रह्म को गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि जालसाज मैनाओ ब्रह्म लंबे समय से नई दिल्ली में किसी अज्ञात स्थान पर छिपी हुई थी। वह कल रात एयर इंडिया की फ्लाइट से गुवाहाटी के लिए रवाना हुई। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मैनाओ ब्रह्म को बोरझार एयरपोर्ट के लाउंज से गिरफ्तार कर लिया। बाक्सा पुलिस ने मुसलपुर सदर थाने में दर्ज 102/2024 नंबर के मामले के तहत धोखेबाज मैनाओ ब्रह्म को गिरफ्तार कर उसे गुवाहाटी से मुसलपुर लाया और पूछताछ शुरू की। जालसाज मैनाओ से पूछताछ के दौरान कई विस्फोटक तथ्य सामने आए हैं, लेकिन पुलिस ने आगे की जांच के लिए पत्रकारों के सामने उनका खुलासा करने से इनकार कर दिया। बृहस्पतिवार को मेडिकल जांच के बाद मैनाओ ब्रह्म को कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने मैनाओ को छह दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया। प्रशासन ने पहले ही मैनाओ ब्रह्म के आवास को सील कर दिया था और एक लक्जरी वाहन जब्त कर ली थी। उल्लेखनीय है कि धोखेबाज मैनाओ ब्रह्म ने शुरुआत में मुसलपुर में पान की दुकान चलाकर अपना गुजारा किया था। बाद में महिला ने पान-सुपारी के अलावा पेट्रोल और डीजल भी बेचना शुरू किया और तीर खेल के एजेंट के रूप में भी काम किया। आखिरकार वह ट्रेडिंग व्यवसाय में शामिल हो गया और कम समय में अधिक लाभांश देने के बहाने धन उगाही अभियान चलाया। करोड़ों रुपए गबन करके थोड़े ही समय में मैनाओ ब्रह्म ने कई जगहों पर घर और जमीन खरीद लिया और उसके अलावा कई लग्जरी गाड़ियां भी खरीदी। इस दौरान धोखेबाज मैनाओ ब्रह्म के अवैध ट्रेडिंग घोटाले का व्यापारिक सहयोगी और मास्टरमाइंड बैंक अधिकारी दीपांकर भट्ट की तलाश में पुलिस ने बृहस्पतिवार को कई जगहों पर छापेमारी की। उल्लेखनीय है कि ट्रेडिंग घोटाले के आरोपी मुसलपुर के मैनाओ ब्रह्म के करीबी सहयोगी तिहू के भोजकुची का रहने वाला युवक तथा आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारी दीपांकर भट्ट के आवास पर अभियान चलाकर पुलिस ने बुधवार को दीपांकर की काली फॉर्च्यूनार वाहन सहित तीन मोटरसाइकिल और स्कूटी तथा परिवार के विभिन्न बैंक खाते और एटीएम कार्ड भी जब्त कर लिए। यह भी आरोप है कि भगोड़े दीपांकर भट्ट ने पिछले चार सालों में अवैध ट्रेडिंग के माध्यम से बड़ी धनराशि प्राप्त कर अकूत संपत्ति का मालिक बना और पाठशाला और तिहू इलाकों में अपने नाम और गुमनामी से जमीनें खरीदीं। इसके अलावा उन्होंने कई व्यवसाय खोले और बहुत सारा पैसा निवेश किया।