सुभाष बुड़ावन वाला

जिन्होंने दौलत खुद कमाई हो। 90 फीसदी महिलाएं ऐसे पुरुषों के साथ जिंदगी चाहती हैं जिन्होंने दौलत खुद कमाई हो। सिर्फ 5 पर्सेंट महिलाएं ऐसे पुरुषों का साथ पसंद करती हैं जिन्हें पुश्तैनी संपत्ति मिली हो। ऑस्ट्रेलिया में हुई एक रिसर्च महिलाओं की अपने जीवन साथी से जुड़ी तमन्नाओं के बारे में कुछ बातें बताती है। यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न सिडनी के डॉ. पीटर जोनासन ने यह रिसर्च की है। उन्होंने कहा, ‘लोग कहते हैं कि महिलाएं पैसे वाले पुरुषों से शादी करना चाहती हैं। लेकिन यह मूल बात का सरलीकरण हैं। दरअसल,वे ऐसे जीवन साथी चाहती हैं जो अच्छे इन्सान हों और समझदार हों। पैसा कमाना इन गुणों को साबित करने का एक जरिया हो सकता है।’ उनकी हर बात तो बिना किसी आनाकानी और ना नुकुर के मान ले! और गृह कार्य में कुशल हो तो अति उत्तम! हर हफ्ते शॉपिंग कराएं उनकी हमेशा तारीफ करें और उनकी शान में कविता या ग़ज़ल लिख सके तो फिर क्या कहने! पत्नी कच्चा पक्का विश्वास जैसा भी पता है उसे बिना किसी आपत्ती के ग्रहण करें! यदि लड़की का कोई भाई ना हो तो भी  आप आंख बंद कर शादी कर ले, क्योंकि बुड्ढे साथ ससुर मरने के पहले सारा माल आप के हाथों में सौंप कर जाने वाले हैं! मगर घर जमाई भूलकर भी ना बने अन्यथा यह कहावत चरितार्थ हो जाएगी,‘दूर जमाई फुल बराबर, गांव जमाई आधो, और घर जमाई गधा बरोबर मन। आवे जो लादो!’ मगर भैय्या अपने राम को तो दौलत से मतलब है! वो खुद कमाई हो या बाप कमाई या वह दहेज में हो लाई! मालदार पति ही वास्तव में रोबदार पति होते है! ओर गरीब पति कायदे से तो पति होते ही नहीं बस चमचे/गुलाम मुफ्त के नौकर या कुछ भी हो सकते है! ओर नहीं होते है तो या तो उनमे तलाक हो जाते है! या वे सिर्फ दुनिया की नजरों में भले ही पति पत्नी हो ऐसे निखट्यूओ को समझदार बीवियां अपने पास फटकने नहीं देती! ऐसे ही एक यूपी में एक मालदार बुजुर्ग से शादी कर ली लोगों ने पूछा तुम को क्या सिर्फ बुड्ढा ही मिला था, इसमें ऐसी क्या खूबी थी जो तुम ने किस से शादी करनी युवती ने कहां एक तो इनके माल में है, दम, और दूसरे इनके बचे हुए हैं दिन बहुत कम! और आजकल की दुल्हनों की भारी कमी को देखते हुए कुछ ,दुल्हन गैंग ,सक्रिय हो गई है जो शादी होते ही उसी रात सारा माल आसबाब और जेवर समेट पर रफूचक्कर हो जाती है! बड़ी महंगी पड़ती है यह एक रात की दुल्हने!