नई दिल्ली : अंतरिक्ष की दुनिया आज भी इंसान के लिए एक रहस्य है। दुनियाभर की स्पेस एजेंसियां अलग-अलग मिशनों के माध्यम से पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या धरती के बाहर भी जीवन संभव है या पहले कभी रहा है। इसी उद्देश्य के तहत यूरोपीय स्पेस एजेंसी ने मंगल ग्रह में जीवन का पता लगाने के लिए साल 2016 में एक्सोमार्स मिशन लॉन्च किया था। इसके तहत पहला ट्रेस गैस ऑर्बिटर साल 2016 में लॉन्च किया गया था। अब स्पेस एजेंसी ने इसकी एक अहम खोज साझा की है, जो यह संकेत देती है कि मंगल ग्रह में अरबों साल पहले जीवन था। स्पेस एजेंसी ने रोवर द्वारा ली गई एक तस्वीर साझा की है, जिसमें मंगल ग्रह में एक हंसते हुआ डरावने चेहरे जैसी आकृति दिखाई दे रही है। एजेंसी ने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि यह तस्वीर क्लोराइड नमक भंडार की है, जो कि ग्रह पर पाया गया है। एजेंसी ने बताया कि कभी नदियों, झीलों और संभवतः महासागरों की दुनिया रहा मंगल ग्रह अब हमारे एक्सोमार्स ट्रेस गैस ऑर्बिटर द्वारा पाए गए क्लोराइड नमक भंडार के माध्यम से अपने रहस्यों को उजागर करता है। ईएसए ने पोस्ट में लिखा है कि ये भंडार, प्राचीन जल निकायों के अवशेष, अरबों साल पहले के रहने योग्य क्षेत्रों का संकेत दे सकते हैं। लगभग एक हजार संभावित स्थलों की खोज, मंगल की जलवायु और पिछले जीवन की संभावनाओं के बारे में नई अंतर्दृष्टि प्रदान करती है।
मंगल ग्रह पर अरबों साल पहले रहते थे इंसान!