पूर्वांचल प्रहरी कार्यालय संवाददाता :नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि असम सरकार का बकाया कर्ज 2018-19 से 2022-23 तक 107 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया और इस अवधि के दौरान बकाया देनदारी की  दर भी बढ़ गई। शुक्रवार को विधानसभा में पेश की गई वित्तीय वर्ष 2022-23 की रिपोर्ट में कहा गया कि राज्य सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय में 2021-22 की तुलना में वित्त वर्ष 23 में 20 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य का बकाया कर्ज 2018-19 में 59,425.61 करोड़ रुपए से 107.34 प्रतिशत तेजी से बढ़कर 2022- 23 में 1,23,214.80 करोड़ रुपए हो गया। साथ ही बकाया देनदारी की वृद्धि दर भी 20.60 प्रतिशत से बढ़ गई। 2018-19 में प्रतिशत से 2022-23 में 23.32 प्रतिशत।  रिपोर्ट ने कहा कि खुले बाजार से उधारी बढ़ने के कारण बकाया देनदारियां-जीएसडीपी अनुपात भी 2018-19 में 19.21 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 23 में 24.98 प्रतिशत हो गया। 2022-23 के अंत में सार्वजनिक ऋण कुल उधारी का 81.98 प्रतिशत था। सीएजी के अनुसार वर्ष के दौरान इसमें 26.15 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो पिछले पांच साल की अवधि में दूसरी सबसे अधिक वृद्धि है। वर्ष के दौरान सार्वजनिक ऋण की औसत वृद्धि दर 23.92 प्रतिशत ने जीएसडीपी 11.91 प्रतिशत को भी पीछे छोड़ दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये सभी संकेत देते हैं कि आने वाले वर्षों में सार्वजनिक ऋण पर ब्याज भुगतान पर दबाव बढ़ेगा। ऑडिटर ने कहा कि पूंजीगत व्यय जो सड़कों और इमारतों जैसी अचल बुनियादी ढांचा संपत्तियों के निर्माण के लिए किया जाता है, 2021-22 में 20,125.83 करोड़ रुपये से 20.51 प्रतिशत कम होकर 2022-23 में 15,999.71 करोड़ रुपए हो गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2022-23 में राजस्व व्यय 1,01,814.65 करोड़ रुपए था, जो कुल व्यय 1,19,952.20 करोड़ रुपए का 84.88 प्रतिशत था। राज्य सरकार द्वारा विभिन्न निकायों या व्यक्तिगत संस्थाओं को दी गई सहायता अनुदान के रूप में 6,668.99 करोड़ रुपए का गलत वर्गीकरण किया गया था, जिसे राजस्व व्यय के बजाए पूंजीगत व्यय के रूप में वर्गीकृत किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप पूंजीगत व्यय में वृद्धि हुई थी। वेतन पेंशन और ब्याज भुगतान जैसे सरकार के प्रतिबद्ध व्यय में भी 2018-23 के पांच वर्षों के दौरान 16,548.72 करोड़ रुपए की लगातार वृद्धि हुई। हालांकि सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2018-19 में 3.09 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 2022.23 में 4.93 लाख करोड़ रुपए हो गया, जिसमें 12.27 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर थी। राज्य 2018-19 और 2022-23 के बीच केवल दो वर्षों में राजस्व अधिशेष हासिल कर सका। राज्य समीक्षाधीन पांच वर्षों में दो वर्षों में असम राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (एएफआरबीएम) अधिनियम के तहत लक्ष्य से नीचे राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने में सफल रहा।