पूर्वांचल प्रहरी निज संवाददाता शिवसागर : शिवसागर प्रेस क्लब में आज बारह संगठनों ने एक पत्रकार सम्मेलन का आयोजन कर शिवसागर से शुरू होकर पूरे असम में फैली अराजकता और आपसी बैर और मनमुटाव की घटना पर दुख प्रकट किया है और सभी पक्षों से वर्षों से असम में रचे बसे सभी समुदायों के भाईचारा को बचाये रखने के लिए भारत के संविधान में प्रदत्त अधिकार के तहत ही मांगे उठाने और आंदोलन करने का आह्वान किया। पत्रकार सम्मेलन में अखिल असम आहोम सभा के अध्यक्ष जयंत राजखोवा, रंगपुर प्राचीन कीर्ति चिन्ह संरक्षण समिति के अध्यक्ष उमेश गोगोई, पहुगढ़ इको टूरिज्म डेवलपमेंट के अध्यक्ष नरेन बरुवा, ताई आहोम विकास केंद्र शिवसागर के सचिव धीरेन चेतिया, इनर इन इंडिया विलेज डेवलपमेंट के अध्यक्ष भूवेन चंद्र गोगोई, अजान फकीर रिसर्च सेंटर के अध्यक्ष सफीकुर रहमान, ताई साहित्य सभा शिवसागर के अध्यक्ष डॉ. उपेन गोगोई, पूर्वांचल ताई साहित्य सभा शिवसागर के सचिव दिव्यजीत गोगोई, ताई आहोम युव क्षेत्र परिषद के मुख्य सलाहकार हेमंत चांगमई, मीडिया मैनेजमेंट एंड रिसर्च के अध्यक्ष डॉ. जाकिरुल आलम, आहोम रॉयल सोसाइटी की केंद्रीय कमेटी के अध्यक्ष कमला राजकुंवर और सरोज बरुवा उपस्थित थे। इन लोगों ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि शहर में एक राष्ट्रीय स्तर की पंजा खिलाडी के साथ मारपीट और धिंग में एक नाबालिग लड़की के साथ बलातकार की घटना कभी भी स्वीकार योग्य नहीं है और इन घटनाओं में जड़ित लोगों को कड़ी से कड़ सजा दी जानी चाहिए। परंतु सभी समुदायों, धर्म और जाति में बुरे व्यक्ति और बुराइयों रहती है। इसके लिए पूरे समुदाय और जाति को लपेट लेना सही नहीं है। जिसने गलती की है, उसे सजा मिलनी चाहिए और उसके खिलाफ आंदोलन और सामाजिक बहिष्कार जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। परंतु एक दो व्यक्ति की गलती के लिए पूरे समुदाय से माफी मंगवाना जायज नहीं है और इन घटनाओं से वर्षों से समुदायों में बने आपसी भाईचारे और समन्वय को ठेस पहुंचती है और असम तथा असमिया जाति के हित में नहीं। इसी तरह धिंग की घटना को लेकर एक जिले से दूसरे जिले में व्यापार वाणिज्य को बाधा पहुंचाना भी सही नहीं है। ऊपरी असम विशेष रूप से शिवसागर में हाल ही में हुई घटनाओं को लेकर इन बारह संगठनों ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ऊपरी असम ने सांप्रदायिक घृणा, जातीय संघर्ष और भाषाई संघर्ष का कभी समर्थन नहीं किया जा सकता है और सभी पक्षों से कानून और व्यवस्था बनाए रखने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा  के मतव्ंय का समर्थन करते हुए इन लोगों ने  सभी पक्षों से कानून के दायरे में रहने का अनुरोध किया। इन संगठनों के पदाधिकारियों का कहना था कि हाल ही में चराईदेव मैदाम को विश्व धरोहर के रूप में मान्यता मिली है। लेकिन अगर शिवसागर में इस तरह का माहौल रहेगा तो कैसे देश-विदेश के पर्यटक यहां आएंगे।