रांची :  मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने रविवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से 2019 के विधानसभा चुनाव के दौरान लोगों से किए गए वादों को पूरा करने में ‘विफल’  रहने के लिए इस्तीफा मांगा। शर्मा ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार घुसपैठ रोकने सहित सभी मोर्चों पर विफल रही है। उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि चुनाव के दौरान युवाओं से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रहने के लिए आप इस्तीफा दें और राजनीति छोड़ दें। शर्मा ने हाल ही में रांची में भारतीय जनता युवा मार्चा (भाजयुमो) की रैली के दौरान भाजपा नेताओं सहित लगभग 12,000 अज्ञात लोगों के खिलाफ ‘गैर-जमानती धाराओं’ के तहत प्राथमिकी दर्ज करने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की भी आलोचना की। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले और पानी की बौछारें छोड़ी तथा रबर की गोलियां भी चलाईं। शर्मा ने दावा किया कि स्वतंत्र भारत में इस तरह की क्रूरता नहीं सुनी गई है...मैं अल्फा से निपटा हूं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं देखा। मैं निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर (झारखंड के) डीजीपी को पद से हटाने के लिए कहूंगा, क्योंकि ऐसे अधिकारी के रहते राज्य में (निष्पक्ष) चुनाव नहीं हो सकते...12,000 युवाओं के खिलाफ प्राथमिकी कार्यकर्ताओं को धमकाने के लिए है। झारखंड में इसी साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।