भारत में शादी एक बहुत प्राइवेट मामला है। अलग-अगल धर्मों और समुदायों में अलग-अलग रीति-रिवाजों से शादी की जाती है। क्योंकि यह परंपराओं पर आधारित एक व्यक्ति मामला है, इसलिए इस तरह के संबंधों पर कोई सवाल नहीं उठाता। लेकिन सनातन में शादी-विवाह जैसे पर्सनल रिलेशन को लेकर बहुत स्पष्टता है। यहां सदियों से चली आ रही पुरानी परंपरा के अनुसार शादी से पहले लड़के और लड़की की जाति, धर्म और गौत्र जैसे विषयों पर गंभीरता से विचार किया जाता है। सनातन में समान गौत्र में शादी करना अवैध है। हालांकि लोगों को इन सब तर्कों के पीछे कोई वैध कारण नजर नहीं आता था। लेकिन अब डॉक्टरों ने इसको लेकर चेताया है। डॉक्टरों ने रिश्तेदारी में शादी करने से जुड़े होने वाले नुकसान को लेकर जानकारी दी है। डॉक्टरों का कहना है कि ब्लड रिलेशन और रिश्तेदारी में शादी करने से जेनेटिक बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। कई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि ब्लड रिलेशन में शादी जैसे संबंध बनाने से खून की कमी, सांस लेने में परेशानी, चिड़चिड़ापना और पीलिया जैसे बीमारी होने का खतरा रहता है। इसके साथ ही जेनेटिक बीमारी होने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि रिश्तेदारी में शादी से इंटरनल ब्लड संबंधी कई बीमारियां होने की आशंका बनी रहती है। यही नहीं शादी से उत्पन्न बच्चों में भी जेनेटिक विकारों की जोखिम बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि करीबी रिश्देतारी या ब्लड रिलेशन में शादी करने की वजह से डायबिटीज, हार्ट संबंधी बीमारी, मोटापा और कैंसर जैसी बीमारियां होने का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि इस तरह के संबंध प्रजनन दर और गर्भावस्था के परिणाओं को भी प्रभावित कर सकती है। ब्लड रिलेशन में शादी होने से प्रेग्नेंसी में कई तरह के विकार पैदा हो जाते हैं। इससे प्रेंग्नेंसी ब्लडिंग जैसी समस्याएं आती हैं। ताजा स्टडी के अनुसार ब्लड रिलेशन में विवाह करने से हार्ट से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा ज्यादा रहता है।
ब्लड रिलेशन और रिश्तेदारी में इसलिए नहीं करनी चाहिए शादी?