पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : गुवाहाटी के प्रवेश द्वार जोराबाट में कृत्रिम बाढ़ को लेकर मेघालय के शैक्षणिक संस्थान यूएसटीएम और असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के बीच खुला टकराव चल रहा है। इसके फलस्वरूप असम में कुछ छात्रों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता उत्पन्न हो गया है। सीएम ने बुधवार को मीडिया से कहा कि हम एक और मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं। जो बच्चे यूएसटीएम से पास कर चुके हैं वे असम में नौकरियों में शामिल नहीं हो सकते। क्योंकि यूएसटीएम एक अलग राज्य  का विश्वविद्यालय है। उसके कारण हमारे डिब्रूगढ़ तथा गुवाहाटी विश्वविद्यालय के छात्रों को मौका नहीं मिलता है। सीएम ने कहा कि  मैंने कानून विभाग को भी उनके लिए अलग से परीक्षा लेने का निर्देश दिया है। अगर यूएसटीएम से पास करने वाले छात्रों को असम में नौकरी चाहिए, अगर उन्हें असम में मेडिकल सीटें चाहिए तो उन्हें यहां एक और परीक्षा देनी होगी। हालांकि यह नियम न केवल यूएसटीएम के बल्कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक के सभी विश्वविद्यालयों के लिए लागू होगा। गौरतलब है कि यूएसटीएम में असम से बड़ी संख्या में छात्र पढ़ते हैं। इसके अलावा संस्थान के लगभग 80 प्रतिशत कर्मचारी असम के निवासी हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री ने बुधवार को मीडिया में घोषणा की कि यूएसटीएम में पढ़ने वाले बच्चे असम सरकार में नौकरियों के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे और उन्हें अलग से परीक्षा देनी होगी। इसे लेकर छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों में भी प्रतिक्रिया हो रही है। इस बात को लेकर छात्र परेशान हैं।