पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : गुवाहाटी के बोरझार स्थित लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को लीज पर लेने के बाद गौतम अडानी इस बार असम को रोशन करने आए हैं। अडानी ग्रुप ने असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एपीडीसीएल) में एंट्री कर ली है। एपीडीसीएल के निजीकरण पर व्यापक अटकलों के बीच असम सरकार के बिजली विभाग द्वारा अडानी ग्रुप को 840 करोड़ रुपए का ठेका दिया गया है। सुनने में यह अजीब लगेगा कि जहां राज्य के बिजली उपभोक्ता स्मार्ट मीटर टैरिफ में कटौती का विरोध कर रहे हैं वहीं अडानी ग्रुप असम के गांवों में स्मार्ट मीटर लगा रहा है। अडानी समूह द्वारा लगाए गए स्मार्ट मीटरों द्वारा बिजली बिलों को अवशोषित करने और ग्राहकों को अपंग बनाने का आरोप लगाया    गया है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने एपीडीसीएल के तहत असम में स्मार्ट मीटर लगाने का ठेका सीधे अडानी ग्रुप को दे दिया है। अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड को एनई स्मार्ट मीटरिंग लिमिटेड के नाम से असम में 80 लाख घरों में बिजली मीटर जोड़ने का ठेका दिया गया है। अडानी ग्रुप ने पिछले साल से तेजपुर, उत्तरी लखीमपुर और मंगलदै में स्मार्ट मीटर लगाना शुरू कर दिया है। अडानी ग्रुप 120 महीने तक स्मार्ट मीटर की स्थापना और रखरखाव के लिए जिम्मेदार होगा। असम में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए अडानी ग्रुप को कुल 840 करोड़ रुपए मिले हैं। गौरतलब है कि अडानी समूह ऑस्ट्रेलिया से कोयला खरीदता है, झारखंड में बिजली पैदा करता है और बांग्लादेश को बिजली की आपूर्ति करता रहा है। लेकिन बांग्लादेश में राजनीतिक अशांति के कारण उसे नुकसान उठाना पड़ा है। इसलिए मोदी सरकार ने हाल ही में अडानी ग्रुप को भारत में बिजली बेचने की इजाजत दे दी है।