शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में रहने वाले हिंदुओं पर अत्याचार बढ़ गया है। जमात-ए-इस्लामी एवं दूसरे कट्टरपंथी तत्वों द्वारा  हिंदुओं के घरों तथा मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है। 5 अगस्त से अब तक ढाई सौ ज्यादा हिंदुओं की मौत हो चुकी है। शिक्षण संस्थानों में हिंदू विद्यार्थियों को प्रताड़ित किया जा रहा है एवं डराया-धमकाया जा रहा है। बांग्लादेश की सरकार तथा सेना तमाशबीन बनी हुई है। पुलिसकर्मी तो पहले ही मैदान छोड़ चुके हैं। मोहम्मद यूनिस की सरकार कट्टरपंथियों की कठपुतली बनकर रह गई है। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि मानव अधिकारों के ठेकेदार अमरीका सहित पश्चिमी देश बांग्लादेश के मुद्दे पर जुबान बंद रखे हुए हैं। भारत के हर मुद्दे पर मानव अधिकार के उल्लंघन की सीख देने वाला अमरीका हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रहा है। अब बाध्य होकर बांग्लादेश के हिंदुओं को ही अपने बचाव के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा है। ढाका सहित बांग्लादेश के दूसरे हिस्सों में लाखों की संख्या में हिंदू लोग सड़क पर उतर कर अंतरिम सरकार से सुरक्षा देने की मांग कर रहे हैं। सरकार को सौंपे ज्ञापन में मृतकों को मुआबजा देने, सरकार में हिंदुओं को 10 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने, अपराधियों को कड़ी सजा देने सहित कई मांगें की गई हैं। खुशी की बात यह है कि हिंदू लोगों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों में बांग्लादेश के मुस्लिम लोग भी शामिल हो रहे हैं। हिंदुओं के विरोध प्रदर्शन का नतीजा यह हुआ है कि अब दुनिया के विभिन्न देशों में वहां के नागरिकों खासकर हिंदुओं, यहूदियों एवं ईसाईयों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इसकी आंच अब संयुक्त राष्ट्र संघ तक पहुंच गई है। बाध्य होकर संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव को भी बांग्लादेशी हिंसा पर बयान देना पड़ा है। भारत के विभिन्न शहरों में हिंदुओं पर हो रहे जुल्म के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं तथा मोदी सरकार से पहल करने की मांग की जा रही है। अमरीका, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस, आस्ट्रेलिया सहित दुनिया के कई देशों में बांग्लादेश के खिलाफ आवाज उठ रही है। भारत में फिलिपींस के मुद्दे पर हाय-तौबा मचाने वाली विपक्षी पार्टियां बांग्लादेश के हिंदुओं पर जुल्म के मुद्दे पर मौन धारण किये हुए हैं। अब भारत का दायित्व है कि इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाये, ताकि बांग्लादेश को कट्टरपंथियों पर कार्रवाई के लिए बाध्य किया जा सके। पाकिस्तान की तरह अब बांग्लादेश भी कट्टरपंथियों एवं आतंकियों का अड्डा बनने की राह पर है। हाल ही में आए अल्कायदा का बयान इसकी पुष्टि करता है। बांग्लादेश के बहाने भारत के खिलाफ एक बड़ी अंतर्राष्ट्रीय साजिश हो रही है, जिसमें अमरीका तथा चीन दोनों महाशक्तियां शामिल हैं। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का ताजा बयान अमरीका के षड्यंत्र को उजागर करता है। पूरे मामले पर भारत को सजग रहना पड़ेगा। अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर चौकसी के साथ-साथ कूटनीतिक पहल भी करनी होगी ताकि बांग्लादेश में रहने वाले हिंदुओं को रक्षा मिल सके।