चीनी इंटरनेट मेगाकॉन्स्टेलेशन अपने पहले लॉन्च के बाद कई गड़बडç¸यों का शिकार हो गया है। मंगलवार सुबह चीनी लॉन्ग मार्च 6ए रॉकेट ने कियानफान (थाउजेंड सेल्स) ब्रॉडबैंड नेटवर्क के लिए पहले 18 उपग्रह लॉन्च किए, जो 14,000 स्पेसक्राफ्ट को होस्ट करेगा। रॉकेट ने सैटेलाइट्स को करीब 500 मील (800 किलोमीटर) की ऊंचाई पर पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंचाया। इसके तुरंत बाद इसका ऊपरी चरण टूट गया, जिससे मलबे का एक बादल पैदा हो गया जो अब धरती के चारों ओर घूम रहा है। यूएस स्पेस कमांड ने बताया है कि चीन का लॉन्ग मार्च 6ए रॉकेट 18 कियानफान सैटेलाइट को लॉन्च करते हुए एक मील का पत्थर हासिल करने में कामयाब हुआ लेकिन इसके बाद पृथ्वी की कक्षा में 300 से ज्यादा टुकड़ों में टूटकर बिखर गया। ये 18 सैटेलाइट उस मिशन के पहले बैच का हिस्सा थे, जिसका उद्देश्य चीन के एलोन मस्क के स्टारलिंक का अपना संस्करण स्थापित करना था। इसी को जिसे कियानफान ब्रॉडबैंड नेटवर्क नाम दिया गया है। ये सैटेलाइट उत्तरी चीन के शांक्सी प्रांत में ताइयुआन सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से लॉन्च किए गए थे। यूएसस्पेसकॉम ने कहा कि इस टूटने से मलबे का एक बादल बना है, जिसे पृथ्वी के चारों ओर ट्रैक किया जा सकता है। यूएसस्पेसकॉम ने कहा कि इस घटनाक्रम से फिलहाल कोई खतरा नहीं देखा गया है। अंतरिक्ष क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करने के लिए नियमित निगरानी करना जारी रखा है। चीन ने घरेलू यूजर्स के लिए ज्यादा व्यापक और उच्च गुणवत्ता वाली संचार सेवाएं देने के लिए 2023 में कियानफान परियोजना शुरू की। शंघाई स्थित कंपनी स्पेससेल द्वारा विकसित कियानफैन नेटवर्क लंबे समय में 15,000 से अधिक लो अर्थ ऑर्बिट (लियो) वाइड-स्क्रीन मल्टीमीडिया उपग्रहों का एक नेटवर्क स्थापित करने की सूचना है, जिनमें 2025 के अंत तक 108 उपग्रह इस वर्ष लॉन्च किए जाएंगे और 648 उपग्रह लॉन्च किए जाएंगे। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 2027 तक समूह का लक्ष्य वैश्विक नेटवर्क कवरेज प्रदान करना है। 2030 तक प्रत्यक्ष मोबाइल कनेक्शन जैसी एकीकृत सेवाएं प्रदान करने वाले 15,000 सैटेलाइट को शामिल करना है।
चीनी रॉकेट लॉन्चिंग के बाद 300 हिस्सों में टूटा, धरती के चारों ओर स्पेस में बना कबाड़ का बादल