पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी :असम सरकार ने राज्य के छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। 5 लाख से कम के जीएसटी नोटिस को जीएसटी धारा 161 का उपयोग करके माफ करने की घोषणा की गई है। उपरोक्त आशय की घोषणा कैबिनेट बैठक के बाद की गई । उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने दिसपुर के लोकसेवा भवन में राज्य कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता की। कैबिनेट ने छोटे व्यवसायियों को जीएसटी नोटिस से छूट देने, बीटीआर में 19 नए गांव शामिल करने, हाई स्कूलों में 1,766 गणित शिक्षकों की भर्ती करने और गरीब छात्रों के लिए स्थानीय भाषा माध्यम के निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट के फैसलों के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राज्य के लगभग 90,000 छोटे व्यपापारियों को जीएसटी बकाया और नोटिस से छूट दे दी गई है। 5 लाख रुपए तक के कर मूल्य वाले छोटे व्यापारियों को अब सॉफ्टवेयर-आधारित नोटिस से छूट दी जाएगी। बताते चलें कि मंत्री अजंता नेउग और अशोक सिंघल की अध्यक्षता वाली जीएसटी कैबिनेट समिति की सिफारिश पर यह जीएसटी छूट दी गई है। गौरतलब है कि 2017 से पिछले साल अक्तूबर तक राज्य में 11,148 छोटे कारोबारियों को जीएसटी नोटिस मिला था। इस संदर्भ में तिनसुकिया,शोणितपुर और अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन किया गया था। आज की कैबिनेट में छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि हमने 15 अगस्त को घोषणा की कि शोणितपुर-विश्वनाथ में 80 प्रतिशत बोड़ो लोगों के आवास 60 गांवों को बीसीआर समझौते के अनुसार बीटीआर में शामिल किया जाएगा। वादे के मुताबिक 41 गांवों को पहले ही बीटीआर में शामिल किया जा चुका है। आज बीटीआर में शामिल 16 गांवों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। अन्य 3 गांवों में बोड़ो जातीय समूह के कितने लोग हैं उसे जांचने के लिए मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री पर जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही गैर बोड़ो लोगों के आवास वाले गांवों को बीटीआर से काटने का काम भी शुरू किया जाएगा। आज के कैबिनेट निर्णय के परिणामस्वरूप शोणितपुर-बिश्वनाथ तक 80 प्रतिशत बोड़ो लोगों के आवास वाले गांव बीटीआर समझौते के अनुसार बीटीआर का हिस्सा बन गए। कैबिनेट ने शंकरदेव शिशु निकेतन, जातीय विद्यालय, सरस्वती शिशु निकेतन आदि स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आरटी एक्ट के तहत गरीब बच्चों के लिए रखने के विषय पर विचार करने का फैसला किया। यदि 25 प्रतिशत गरीब बच्चों को प्रवेश परीक्षा के माध्यम से इन असमिया, बोड़ो, बंगाली और स्थानीय भाषा माध्यम स्कूलों में पढ़ने का अवसर दिया जाता है तो सरकार संबंधित छात्रों की फीस का भुगतान करेगी। कैबिनेट ने राज्य के माध्यमिक विद्यालयों में 1,766 गणित शिक्षकों की भर्ती करने का भी निर्णय लिया।
छोटे व्यवसायियों को जीएसटी नोटिस से छूट