पूर्वांचल प्रहरी जिला संवाददाता गोलाघाट : गोलाघाट जिले के देरगांव स्थित लाचित बरफुकन पुलिस अकादमी में आज बुधवार को आयोजित असम वन सुरक्षा वाहिनी के 940 नवनियुक्त कॉन्स्टेबल जवानों की पासिंग आउट परेड समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा शामिल हुए। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्दी पहनकर सेवा की भावना जुड़ने पर प्रत्येक जवान के जीवन में पासिंग आउट परेड एक महत्वपूर्ण आयोजन होता है। यह प्रत्येक कांस्टेबल के जीवन की गौरव और उपलब्धि का क्षण है। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में प्रदर्शन करने वाले कड़ी मेहनत और निष्ठा की स्वीकृति स्वरूप इस पासिंग आउट परेड में मेडल प्राप्त करने वाले और नवनियुक्त कांस्टेबलों के अभिभावकों तथा परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री ने अभिनंदन ज्ञापित किया। अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनियुक्त जवानों के दीक्षांत समारोह में शामिल होकर मुझे सुख का अनुभव हो रहा है। असम वन सुरक्षावाहिनी के जवानों के सामने आने वाली चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए कड़े प्रशिक्षण ने सक्षम बना दिया है। इन वनांचलों और वन्य जीवों की सुरक्षा करने के लिए हमें अधिक वन सुरक्षावाहिनी की जरूरत है। अंतर्राज्यीय सीमांत अंचलों में वनांचल होने के कारण उन्हें सीमांत प्रहरी के रूप में भी जिम्मेदारी उठानी होगी। लोकसेवा आयोग के भ्रष्टाचार से ग्रस्त अधिकारियों के खिलाफ की गई कारवाई के लिए असम पुलिस को धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री ने पारदर्शी युक्त नियुक्ति प्रक्रिया का विरोध करने वाले को राजनीति से हटकर आज के परिदृश्य को स्वीकारने की जरूरत है?  बिना घूस के नौकरी का मिलना इस सरकार की उपलब्धि को लोग हमेशा याद करेंगे। वर्ष 2001 से 2014 तक की नियुक्तियों में केवल एक विशेष सम्प्रदाय के लिए खोले जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि असम के भविष्य की सुरक्षा, वन सुरक्षा, जाति, माटी, सीमाओं की सुरक्षा की दिशा और एक कदम आगे बढने में सफल हुए हैं। अब गांव शहर में नौकरी में भर्तियों के लिए अक्तूबर महीने असम पुलिस की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने पुलिस अकादमी को राष्ट्रीय स्तर पर विकसित किए की घोषणा की। साथ ही अगले साल तक और 600 जवानों की वन सुरक्षा वाहिनी में नियुक्ति किए जाने की घोषणा करते हुए युवा पीढ़ी भी इससे जुड़ पाने की बात कही। साथ ही एसीपीएस की सुविधा प्रदान किए जाने का भी ऐलान किया। बताते चलें कि आज देरगांव पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय के परेड ग्राउंड में आयोजित उक्त दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 940 कोंस्टेबलों में 90 युवतियों तथा 850 युवकों की बहाली हुई। समारोह के अंत में पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने काजीरंगा में पांच सितारा होटल की आवयश्कता है, नहीं तो विलासी पर्यटक नही आएंगे। इस स्थिति में पर्यटन उद्योग आगे नही बढ़ सकता। हमने जहां होटल खोलने की योजना बनाई है वह स्थान काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की सीमा से एक किलोमीटर की दूरी पर है। भारत के सभी उद्यानों के आस पास पांच सितारा होटलें हैं । वहीं उन्होंने गुवाहाटी में उत्पन्न बाढ़ समस्या के संदर्भ में कहा कि गुवाहाटी महानगर में हमारे द्वारा निर्मित नाले इतनी भारी बारिश के पानी की तेजी से जल निकासी कर पाने में सक्षम नहीं है। तो इस स्थिति में साल के एक आद दिन ऐसी कृत्रिम बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। पिछले साल हुई बारिश के अनुपात में परसों कुल 25 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।  इस दौरान उन्होंने दस मई को एलपी-यूपी की नियुक्ति मेरिट के आधार पर होने बात कही। वहीं उन्होंने कार्बी आंगलांग के वीजीआर-पीजीआर जमीनों पर बेदखली करन के संदर्भ में कहा कि वर्तमान उच्चतम न्यायालय ने इस पर रोक लगाने की बात कही और शांति श्रृंखला बनाए रखने की दिशा में असम सरकार कार्बी स्वायत्त शासित परिषद के साथ होने का उल्लेख किया। उक्त समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के साथ वनमंत्री चंद्र मोहन पटवारी, कृषि मंत्री अतुल बोरा, राज्य के मुख्य वन संरक्षक एमके यादव, असम पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।