पूर्वांचल प्रहरी जिला संवाददाता गोलाघाट : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने आज बुधवार को कहा कि गुवाहाटी में बाढ़ जैसी समस्या के लिए यूएसटीएम जैसे निर्माण जिम्मेवार हैं, जिनके निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर पहाड़ की कटाई की गई थी। मेघालय में बड़े पैमाने पर पहाड़ों की कटाई  के कारण आज गुवाहाटी में बाढ़ की समस्या भयावह हो गई है। यूएसटीएम की स्थापना के समय असम सरकार की ओर से इसका  विरोध करने की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय को और कुछ दूरी पर खोलने की जरूरत थी। सीएम ने  कहा कि वहां एक दिल्ली पब्लिक स्कूल की भी स्थापना की गई है। इसके अलावा गुवाहाटी खानापाड़ा के नजदीक मेघालय के पहाड़ों को काटकर अन्य इकाइयों के निमार्ण किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं इस संबंध में मेघालय के मुख्यमंत्री के साथ बातचीत करूंगा,जो नुकसान होना था वह तो हो चुका है। अब उपाय एक ही है कि पहाड़ों से आने वाली पानी को दिपोर बिल या शिलसाको तक मोड़ने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान स्थिति हमारे नियंत्रण से बाहर है और इसे नियंत्रित करने के लिए हमें और अधिक गहरे नालों का निर्माण करना पड़ेगा। आसानी से जल निकासी के लिए नए नालों के निर्माण की स्थिति में लोगों की जमीनें अधिगृहित करने की आवश्यकता होगी,जो सरकार की आर्थिक क्षमता से बाहर है। अतः इस परिप्रेक्ष्य में आवेगिक होकर नहीं, बल्कि व्यवहारिक तरीके से इस समस्या के समाधान की दिशा सोचने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमें इस विषय पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है कि परसों बाढ़ के दौरान ट्रैफिक जाम रात तक हुई और दो से तीन घंटों में धीरे-धीीरे पानी 75 प्रतिशत तक कम हुई। इतनी भारी बारिश के पानी को झेलने की क्षमता गुवाहाटी जैसे महानगर की नहीं है। इसके लिए हमें स्मार्ट सिटी के तर्ज पर शहर का निर्माण करना पड़ेगा।