नई दिल्ली : दिल्ली स्थित एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे तीन अभ्यर्थियों की डूबने से हुई मौत की घटना के बाद संसद से लेकर ओल्ड राजेंद्र नगर की सड़कों तक, पूरे शहर में आक्रोश नजर आया। वहीं सोमवार को पांच और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और बुलडोजर से अतिक्रमणों को हटाना शुरू किया गया। लोकसभा में विभिन्न दलों के सदस्यों ने जहां एक ओर जांच की मांग की, वहीं सैकड़ों छात्रों ने पश्चिम दिल्ली में राव आईएएस स्टडी सर्किल के पास विरोध प्रदर्शन जारी रखा, जहां शनिवार रात को यह भयावह घटना घटी थी। इस घटना में तीन छात्रों की मौत हो गई थी क्योंकि वे बेसमेंट में पानी भर जाने से फंस गए थे, जिसका अवैध रूप से इस्तेमाल लाइब्रेरी के रूप में किया जा रहा था।  गिरफ्तार किए गए पांच व्यक्तियों में उस वाहन का चालक भी शामिल है, जिसने जलभराव वाली सड़क पर गाड़ी चलाई थी, जिसके चलते पानी तीन मंजिला इमारत के बेसमेंट में प्रवेश कर गया था। उक्त वाहन को भी जब्त कर लिया गया है। इसके साथ ही गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। कोचिंग संस्थान के मालिक और संयोजक को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था और उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। लापरवाही और बरसाती नालों से गाद नहीं निकाले जाने के आरोपों से जूझ रहे दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने एक जूनियर इंजीनियर को कथित चूक के लिए बर्खास्त करने के साथ ही एक सहायक इंजीनियर को निलंबित कर दिया है।

एमसीडी आयुक्त अश्विनी कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि बरसाती नालों के ऊपर से अतिक्रमणों को हटाया जाएगा। एमसीडी आयुक्त ने बताया था कि अतिक्रमण करने वालों ने नालों को ढक दिया है, जिसके कारण जलजमाव हो रहा है और बारिश का पानी बेसमेंट में घुस रहा है। वहीं सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे किशोर सिंह कुशवाह ने कहा कि उन्होंने 26 जून को एमसीडी से शिकायत की थी कि राव आईएएस स्टडी सर्किल और अन्य संस्थानों के बेसमेंट से कक्षाएं और पुस्तकालय संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने एक वीडियो में कहा कि वह यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कराने वाले बड़े कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे जो कथित तौर पर छात्रों के जीवन को दांव पर लगा रहे थे। वहीं कोचिंग हादसे में जान गंवाने वाले छात्र नवीन डेल्विन का शव पश्चिमी दिल्ली से कुछ ही दूरी पर स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उनके चाचा को सौंप दिया गया। डेल्विन (28) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र थे। डेल्विन के शोकाकुल चाचा ने कहा कि हम उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए उसके पैतृक स्थान त्रिवेंद्रम ले जाएंगे। हमें घटना के बारे में रविवार की सुबह पता चला। अन्य दो छात्राओं - श्रेया यादव और तान्या सोनी - के शव रविवार को उनके परिजनों को सौंप दिए गए थे। इस मामले में आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं से एकदूसरे पर दोषारोपण शुरू कर दिया है। एजेंसी