पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : गरीब मरीजों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज देने वाली आयुष्मान भारत योजना अब आईसीयू में है। असम के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में आयुष्मान भारत योजना का लाभ अचानक लगभग बंद हो गया है। निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना बंद होने से मरीजों और उनके अभिभावकों को परेशानी हो रही है। विशेष रूप से कैंसर मरीज कीमो और रेडिएशन इलाज बंद होने से परेशान हैं। आयुष्मान कार्ड के भरोसे निजी अस्पतालों में कीमोथैरेपी कराने आने वाले कैंसर मरीजों को बुधवार और बृहस्पतिवार को भयंकर परेशानी का सामना करना पड़ा। आयुष्मान कार्ड काम नहीं करने के कारण जहां कई मरीजों ने पैसे उधार लेकर किसी तरह नियत दिन पर कीमो करा लिया, वहीं कई अन्य मरीजों को पैसे की कमी के कारण वापस जाना पड़ा। इसी बीच कुछ अस्पतालों में डायलिसिस  उपचार बिना किसी समस्या के जारी रहा।

राज्य के अधिकांश निजी क्षेत्र के अस्पतालों में आयुष्मान भारत उपचार सुविधाओं को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, जबकि कुछ नर्सिंग होम कुछ विशेष बीमारियों के लिए आयुष्मान भारत सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री की आयुष्मान रोगमुक्त भारत योजना असम के नर्सिंग होम में बंद हो गई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के एक सूत्र ने दावा किया कि पोर्टल में तकनीकी खराबी के कारण आयुष्मान भारत सेवा अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई।

पता चला है कि स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा  ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक भी की। शिकायतें हैं कि सरकार ने आयुष्मान कार्ड सेवाओं के लिए अस्पतालों को करोड़ों रुपए के बकाया का भुगतान भी नहीं किया है। जिसके परिणामस्वरूप सरकारी बिल का परिमाण बढ़ते जा रहे हैं और निजी अस्पतालों में आयुष्मान सेवाएं बंद कर दी गई हैं। निजी अस्पतालों का दावा है कि केंद्र सरकार ने पिछले छह महीने से नर्सिंग होम के बकाया बिल का भुगतान नहीं किया है।