नई दिल्ली : केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट में बिहार को विभिन्न योजनाओं के तहत 58900 करोड़ रुपये देने का प्रावधान किया गया है। इनमें से 26 हजार करोड़ रुपये का फंड बिहार के अंदर सड़कों का जाल बिछाने के लिए खर्च किया जाएगा। राज्य में तीन एक्सप्रेसवे भी बनाए जाएंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में मंगलवार को इसकी घोषणा की। इसके अलावा बाढ़ नियंत्रण के लिए 11500 करोड़ रुपए और  पावर प्लांट के लिए 21400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा वित्त मंत्री ने बिहार में कई एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज, स्टेडियम, औद्योगिक हब, महाबोधि कॉरिडोर, नालंदा और राजगीर में पर्यटन सुविधा के विकास की घोषणाएं भी कीं। इन पर खर्च होने वाली राशि ऊपर दिए गए फंड में शामिल नहीं है। निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में ऐलान किया कि पटना से पूर्णिया, बक्सर से भागलपुर और बोधगया से राजगीर, वैशाली होते हुए दरभंगा तक तीन एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे। बक्सर में गंगा नदी पर दो लेन का एक पुल बनाया जाएगा। बिहार में बाढ़ की समस्या से भारत सरकार नेपाल से बात भी करेगी और उसका समाधान निकालेगी। गया के विष्णुपद मंदिर और बोधगया के महाबोधि मंदिर में काशी विश्वनाथ की तर्ज पर कॉरिडोर बनाकर धार्मिक पर्यटन विकसित किया जाएगा। नालंदा और राजगीर को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार सहायता देगी। उन्होंने कहा कि अमृतसर-कोलकाता इंडस्टि्रयल कॉरिडोर पर केंद्र सरकार बिहार के गया में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी। इससे पूर्वी क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी।  वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार में कई एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रख्र की स्थापना करेगी। हालांकि, नए एयरपोर्ट और मेडिकल कॉलेज कहां-कहां बनाए जाएंगे, इसका जिक्र नहीं किया गया। पीरपैंती में 2400 मेगावाट का पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए 21400 करोड़ रुपए  का प्रावधान किया गया है। बिहार को कैपिटल इन्वेस्टमेंट के जरिए अतिरिक्त धन दिया जाएगा। मल्टी इन्वेस्टमेंट बैंक के जरिए बिहार को सहायता दिलाने में तेजी लाई जाएगी। बजट भाषण अभी चल रहा है, ऐसे में बिहार के लिए और भी घोषणाएं हो सकती हैं।