वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लोकसभा में आम बजट 2024-25 पेश किया। बजट में गरीबों, महिलाओं, युवाओं तथा किसानों पर विशेष रूप से फोकस किया गया है। मध्यम वर्ग को भी टैक्स स्लैब में मामूली बदलाव कर संतुष्ट करने का प्रयास किया गया है। शेयर बाजार के क्षेत्र में इक्विटी निवेश पर टैक्स बढ़ाने तथा एक वर्ष से ज्यादा की शेयर पर टैक्स बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने से विपरीत प्रभाव पड़ा है। बजट पेश करने के दौरान सेंसेक्स तथा निफ्टी का नीचे गिरना इस बात का जीता-जागता उदाहरण है। नौकरीपेशा लोगों को आयकर भुगतान के क्षेत्र में आयकर का नया विकल्प देकर कुछ करने का प्रयास किया गया है। सरकार ने स्टैंडर्ड डिडक्शन 50 हजार रुपए से बढ़ाकर 75 हजार रुपए कर दी है। आयकर भुगतान के क्षेत्र में पुरानी कर-व्यवस्था भी जारी रहेगी। इसका अर्थ स्पष्ट है कि जिस व्यक्ति की आय सालाना 7.75 लाख रु. तक होगी, उनको आयकर देना नहीं पड़ेगा। देश के बेरोजगार युवाओं को खुश करने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। पेंशन भोगियों के लिए पारिवारिक पेंशन पर कटौती 15000 रुपए से बढ़ाकर 25000 रुपए कर दी गई है। देश की 500 गरीब कंपनियों में इंटर्नशिप के लिए एक करोड़ युवाओं को काम में लिया जाएगा। एक वर्ष तक उन्हें 5000 रु. प्रति माह मिलेंगे। उसके बाद उनको प्रति माह न्यूनतम 15000 रु. मासिक वेतन मिलेगा। मोदी सरकार के बजट में बिहार तथा आंध्र प्रदेश पर विशेष ध्यान दिया गया है। बिहार को बिजली, पानी, सड़क तथा दूसरे बुनियादी संरचना के विकास के क्षेत्र में कुल 59000 करोड़ रु. का प्रावधान रखा गया है। बिहार में तीन एक्सप्रेस हाई-वे का निर्माण होगा। साथ ही बोधगया, राजगीर एवं नालंदा को पर्यटन के रूप में विकसित किया जाएगा। बोधगया को काशी कॉरिडोर की तरह विकसित किया जाएगा। इसी तरह आंध्र प्रदेश को बहुपक्षीय विकास एजेंसियों के माध्यम से 15000 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी। सोने-चांदी और प्लैटिनम पर सीमा शुल्क घटाकर 6.4 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे बाहर से आयातित सोने-चांदी एवं प्लैटिनम के आभूषणों की कीमतों में कमी आएगी। कैंसर की तीन दवाओं को सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट देना सराहनीय कदम है। इसी तरह सीमा शुल्क घटाने से मोबाइल फोन, मोबाइल सर्किट बोर्ड असेंबली और मोबाइल चार्जर की कीमतों में गिरावट आएगी। विदेशी पूंजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए कॉरपोरेट कर की दर 40 प्रतिशत से घटाकर 35 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है। छोटे कारोबार को बढ़ावा देने के लिए मुद्रा लोन की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 रु. लाख करने का प्रस्ताव है। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सभी वर्ग के निवेशकों के लिए एंजल कर समाप्त करने का प्रस्ताव रखा गया है। बजट में विनिर्माण और सेवाओं सहित नौ प्राथमिकता वाले क्षेत्र एवं विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अगली पीढ़ी के सुधारों की रूप-रेखा दी गई है। कृृषि क्षेत्र में सुधार के लिए कई कदम उठाए गए हैं, किंतु 22 अनाजों के एमएसपी बढ़ाने तथा किसान सम्मान निधि बढ़ाने पर बजट में कोई प्रावधान नहीं रखा गया है। इस बार के बजट में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए विशेष प्रावधान नहीं है। वित्त मंत्री ने अपने बजट में ब्रह्मपुत्र एवं इसकी सहायक नदियों से प्रतिवर्ष होने वाली बाढ़ को नियंत्रित करने की बात कही है। लेकिन इसके लिए असम को कितना फंड मिलेगा उसकी तस्वीर साफ नहीं हुई है। इसी तरह ढांचागत विकास के लिए असम को अलग से धन आवंटित करने की बात का बजट में स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं है। कुल मिलाकर बजट में सभी को खुश करने की कोशिश की गई है।
मोदी सरकार का आम बजट
