नई दिल्ली : जो बाइडन ने रविवार को राष्ट्रपति चुनाव में अपनी दोबारा दावेदारी वापस ले ली। यह फैसला उस समय आया है जब बाइडेन के साथी डेमोक्रेट उनके स्वास्थ्य और डोनाल्ड ट्रम्प को हराने की क्षमता पर चिंता व्यक्त कर रहे थे। जो बाइडेन ने पार्टी के उम्मीदवार के रूप में अपने स्थान पर उपराष्ट्रपति कमला हैरिस का समर्थन किया है। हालांकि, पार्टी के दूसरे दिग्गज नेता और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। अमरीका में पिछले 75 वर्षों में केवल दो ही राष्ट्रपति हुए थे, जिन्होंने चुनावी साल में दोबारा चुनाव न लड़ने का फैसला किया था। ये राष्ट्रपति थे हैरी एस. ट्रूमैन और लिंडन बी. जॉनसन और दिलचस्प है कि ये दोनों डेमोक्रेट थे। ट्रूमैन और जॉनसन ने यह एलान करके पूरे अमरीका को हैरान कर दिया था कि वे अपनी पार्टी में नए उम्मीदवारों को मौका देंगे।
दोनों ही मामलों में उम्मीदवारी संभालने वाले नए डेमोक्रेट नेताओं एडले स्टीवेंसन और ह्यूबर्ट हम्फ्री को रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों से चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। स्टीवेंसन उस समय इलिनोइस राज्य के गवर्नर थे, जबकि हम्फ्री उपराष्ट्रपति की कुर्सी पर थे। मार्च 1952 में ट्रूमैन और मार्च 1968 में जॉनसन ने खुद को लड़ाई से बाहर कर लिया था। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि 1950 के दशक के शुरुआत और 1960 के दशक के अंत में राजनीतिक पृष्ठभूमि बहुत अलग थी। कोलंबिया यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स के प्रेसिडेंशियल हिस्टोरियन और फैकल्टी स्कॉलर टिम नैफ्टाली ने न्ययॉर्क टाइम्स को बताया कि ट्रूमैन ने जब दूसरा कार्यकाल न लेने का फैसला किया था तब वह 67 साल के थे।
वहीं दूसरी ओर जॉनसन 59 साल के थे। इन दोनों ने प्राइमरी के बीच में ही दौड़ से नाम वापस ले लिया, क्योंकि वे उस वक्त चल रहे घातक युद्धों को खत्म करने का कोई रास्ता खोजने के लिए संघर्ष कर रहे थे। ट्रूमैन के कार्यकाल में कोरिया युद्ध चल रहा था तो जॉनसन के लिए यह वियतनाम की लड़ाई थी। बता दें कि अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया चार चरण में संपन्न होती है। इसमें पहला चरण प्राइमरी और कॉकस चुनाव का होता है। प्राइमरी (इसका संचालन नियमित पोलिंग स्टेशन पर होता है) और कॉकस (एक तरह की स्थानीय बैठक) दो तरीके हैं जिनसे लोग राज्यों और राजनीतिक दलों को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार चुनने में मदद करते हैं। जो बाइडेन ने भले ही दोबारा राष्ट्रपति चुनाव न लडऩे का ऐलान कर दिया है लेकिन अभी भी वह डेमोक्रेट्स के आधिकारिक उम्मीदवार नहीं थे।