शुगर-कोलेस्ट्रॉल दोनों ही समस्याएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं। बढ़े हुए ब्लड शुगर का स्तर आंखों, तंत्रिकाओं से लेकर हृदय की समस्याओं को बढ़ाने वाला माना जाता है, वहीं हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण हृदय रोग-हार्ट अटैक का जोखिम भी बढ़ जाता है। इसे कंट्रोल में रखना जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया दैनिक आहार में तुलसी को शामिल करके इससे लाभ प्राप्त किया जा सकता है। तुलसी की चाय, इसकी पत्तियों या अर्क का सेवन करके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है।

ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना हो या कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकना हो खाली पेट तुलसी की पत्तियों का सेवन करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इसमें कई यौगिक और पोषक तत्वों की श्रृंखला होती है जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से आपको बचा सकती हैं। अध्ययनों में तुलसी की पत्तियों और इसके अर्क को सेहत के लिए बहुत लाभप्रद पाया गया है। इसमें विटामिन-ए और सी के साथ कैल्शियम, जिंक, आयरन पाया जाता है जिसकी हमारे शरीर को नियमित आवश्यकता होती है।

आपको फ्लू जैसे संक्रामक रोगों से बचाने से लेकर इम्युनिटी बढ़ाने तक के लिए इसे फायदेमंद पाया गया है।  अध्ययनों में पाया गया है कि जिन लोगों को हार्ट की समस्या है उन्हें नियमित रूप से तुलसी की पत्तियों का सेवन करने से लाभ मिल सकता है।। तुलसी के पत्तियां उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में लाभकारी हो सकती हैं। एक अध्ययन में पाया गया कि तुलसी में मौजूद तेल (यूजेनॉल) तनाव-प्रेरित कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है।

तुलसी के पत्ते का पाउडर खाने के बाद मधुमेह वाले और बिना मधुमेह वाले चूहों में कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी आई। रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल की ही तरह से डायबिटीज की समस्या से परेशान लोगों के लिए भी तुलसी फायदेमंद है। इसमें ऐसे औषधीय गुण होते हैं जो टाइप-2 डायबिटीज रोगियों को ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने में मददगार हो सकते हैं। पशु और मानव दोनों पर किए गए अध्ययनों से पता चला है कि तुलसी मधुमेह के लक्षणों को रोकने में मददगार साबित हो सकती है।