चंडीगढ़: कांग्रेस के प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब सरकार और अपनी पार्टी को चुनौती दी है कि वह या तो बेअदबी कांड में समझौता करने वाले दो अफसरों को चुन ले या प्रदेश कांग्रेस के प्रधान को। सिद्धू ने एक बार फिर कांग्रेस सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए। पंजाब भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने 9 अप्रैल 21 को बहबल कलां गोलीकांड को लेकर बनी एसआइटी की रिपोर्ट को खारिज कर नई एसआइटी बनाने और 6 माह में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के लिए कहा था। 7 मई को नई एसआइटी बनाई गई थी। 6 माह 1 दिन का समय बीत गया है। एसआइटी की रिपोर्ट कहां है? एडवोकेट जनरल एपीएस देयोल का नाम लिए सिद्धू ने कहा कि उन्होंने पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी को ब्लैंकेट बेल दिलवाई थी, लेकिन पंजाब सरकार ने अभी तक ब्लैंकेट बेल को तोड़ने के लिए हाई कोर्ट में कोई भी एसआइपी दायर नहीं की। सिद्धू ने कहा कि यह सरकार की नैतिकता पर सवाल है। सिद्धू ने कार्यकारी डीजीपी इकबाल प्रीत सिंह सहोता को लपेटते हुए कहा, एक ने बादलों को क्लीन चिट दी और दूसरे ने ब्लैंकेट बेल दिलवाई। उन्होंने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो सरकार के नए सरमायेदार व पहरेदार हैं।