गुवाहाटी : असम में रविवार को भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही और करीब 24 लाख लोग इस प्राकृृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। राज्यभर में ब्रह्मपुत्र समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सूत्रों ने बताया कि इस साल बाढ़, भूस्खलन और तूफान के कारण अबतक 78 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों ने कहा कि कुल मिलाकर 28 जिलों के 22,74,289 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और 7,54,791 प्रभावित लोगों के साथ धुबड़ी में स्थिति सर्वाधिक गंभीर है। राज्य में 269 राहत शिविरों में 53,689 लोगों ने आश्रय ले रखा है। ब्रह्मपुत्र नदी निमातीघाट, तेजपुर और धुबड़ी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। खोवांग में बुरहीडीहिंग नदी, शिवसागर में दिखौ, नंगलामुराघाट में दिसांग, नुमालीगढ़ में धनसिरी, धरमतुल में कोपिली, बारपेटा में बेकी, गोलकगंज में संकोश, बीपी घाट में बराक और करीमगंज में कुशियारा नदी खतरे के निशान को पार कर गई हैं। जोरहाट से धुबड़ी तक ब्रह्मपुत्र समेत प्रमुख नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बुरहीदेहिंग, दिखौ, दिसांग, धनसिरी, जिया भराली, कोपिली, बराक और संकोष नदियां भी विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बाढ़ से मवेशी भी प्रभावित हुए हैं, जबकि फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। सूत्रों ने बताया कि राज्य में विभिन्न स्थानों से सड़कों, पुलों समेत बुनियादी ढांचों के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने राज्य में बाढ़ के चलते उत्पन्न हुए हालात के बीच रविवार को कामरूप जिले में राहत शिविरों का दौरा कर उनमें रह रहे लोगों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तीन राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात कर बातचीत की तथा जिला प्रशासन को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि आज, मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने पलाशबाड़ी में अमृत चंद्र ठाकुरिया कॉमर्स कॉलेज में राहत शिविर का दौरा किया, जहां बाढ़ प्रभावित इलाके के 28 व्यक्तियों ने शरण ले रखी है। सीएमओ ने एक अन्य पोस्ट में बताया कि मुख्यमंत्री ने एलपी स्कूल, नाहिरा में एक राहत शिविर में शरण लिए लोगों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि एचसीएम ने शिविर में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और उपायुक्त(कामरूप) को दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित करने और बच्चों व बुजुर्गों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया। शर्मा ने नाहिरा गुइमारा क्षेत्रीय हाई स्कूल का भी दौरा किया और वहां ठहरे लोगों से बातचीत की। सीएमओ ने कहा कि मुख्यमंत्री ने वहां अस्थायी रूप से रह रहे 236 लोगों से मुलाकात की और कामरूप जिले को शिविर में सभी आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राज्य के 29 जिलों के 107 राजस्व क्षेत्र और 3,535 गांवों के कुल 23,96,648 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। असम में निमाती घाट (जोरहाट) में ब्रह्मपुत्र, तेजपुर (शोणितपुर) और धुबड़ी, चेनिमारी (डिब्रूगढ़) में बुरहिडीहिंग, दिखौ (शिवसागर), नांगलमुराघाट (शिवसागर) में दिसांग, नुमालीगढ़ (गोलाघाट) में धनसिरी, धरमतुल (नागांव) में कोपिली, करीमगंज में कुशियारा, और (बी पी घाट) कछार में बराक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। यहां बोरझार में स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने धुबरी, कोकराझार, चिरांग, बक्सा, कछार और करीमगंज में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।
असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर, अब तक 78 की मौत