पूर्वांचल प्रहरी कार्यालय संवाददाता/एजेंसी गुवाहाटी/नई दिल्ली : असम में शनिवार को भी बाढ़ से स्थिति गंभीर बनी हुई और प्रमुख नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं हैं। बाढ़ से अब तक 30 जिलों में 24 लाख, 20 हजार, 722 से अधिक लोग प्रभावित हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की ओर से इसकी जानकारी दी गई। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी के अनुसार बाढ़ की वजह से इस साल 52 लोग जान गवा चुके हैं, जबकि भूस्खलन और तूफान से 12 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से अब तक 1002360 पुरुष, 874003 महिलाओर 544359 बच्चे बुरी तरह प्रभावित हुआ है। आपदा प्रबंधन के आंकड़े के अनुसार अभी तक बाढ़ के कारण 3518 गांव सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जबकि कामरूप (मेट्रो) में 20 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सूत्रों के अनुसार बीते शुक्रवार तक असम सरकार की ओर से जिला प्रशासन, एसडीआरएफ सहित अन्य माध्यमों के जरिए बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच 49774.33 क्विंटल चावल, 9,42,823 क्विंटल दाल,248173 नमक के अलावा अन्य खाद्य सामग्री वितरण की गई है, जबकि 612 राहत शिविर द्वारा लगातार बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत एवं बचाव कार्य जारी है। भयाबह स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डा.हिमंत विश्वशर्मा ने बीती रात समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक प्रभावित डिब्रूगढ़ जिले है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों से बातचीत करने के बाद उनकी समस्याओं के निवारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। स्वच्छ पेयजल आपूर्ति को लेकर उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन योजना इन कठिन समय में उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित जिलों में धुबड़ी, दरांग, कछार ,बरपेटा और मोरीगांव शामिल हैं। कुल 47,103 प्रभावित लोगों ने 612 शिविरों में शरण ली है। गौरतलब है कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में शाम 4 बजे से लेकर सुबह 10 बजे तक वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित हैं। बाढ़ का कहर लगातार जारी रहते जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारिका मायंग पहुंचे। मंत्री हजारिका ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और नुकसान का जायजा लिया। मंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों से जल्द ही कटान रोकने के उपाय करने का वादा किया। मंत्री अतुल बोरा ने नगांव जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। मंत्री जयंत मल्ल बरुवा ने माजुली में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की और विचारों का आदान-प्रदान किया। सांसद रकीबुल हुसैन ने योगीघोप्पा में बाढ़ की स्थिति का निरीक्षण किया। विधायक अखिल गोगोई ने शनिवार को नुमालीगढ़ में विनाशकारी बाढ़ से क्षतिग्रस्त बंकुवाल में पहुंच कर बाढ़ पीड़ित लोगों से मुलाकात की और नुकसान का जायजा लिया। दूसरी ओर गृह मंत्री अमित शाह ने असम में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए शनिवार को राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा से बातचीत की और कहा कि प्रभावित लोगों को बचाने और उन्हें राहत प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) युद्घ स्तर पर काम कर रहे हैं। शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी असम के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं और इस चुनौतीपूर्ण समय में राज्य को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि भारी बारिश के कारण असम में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न गई है। मौजूदा स्थिति के बारे में असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा से बात की। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम युद्ध स्तर पर काम कर करके राहत प्रदान करने के साथ पीड़ितों को बचा रही है। शाह की पोस्ट का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि माननीय गृह मंत्री अमित शाह जी, आपकी चिंता और समर्थन के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार हमें निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन प्रदान कर रही है। असम बाढ़ से जूझ रहा है और इसके 30 जिलों में 24.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। राज्य की प्रमुख नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। असम में इस साल आई बाढ़ में अब तक 52 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 12 अन्य की मौत भूस्खलन और तूफान के कारण हुई है। बाढ़ से प्रभावित जिलों में कछार, कामरूप, हैलाकांडी, होजाई, धुबड़ी, नगांव, मोरीगांव, ग्वालपाड़ा, बरपेटा, डिब्रूगढ़, नलबाड़ी, धेमाजी, बंगाईगांव, लखीमपुर, जोरहाट, शोणितपुर, कोकराझाड़, करीमगंज, दक्षिण सालमारा, दरंग और तिनसुकिया शामिल हैं। धुबड़ी, दरंग, कछार और बारपेटा जिले बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित हैं।
राज्य में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर, शाह ने सीएम से की बात