पूर्वांचल प्रहरी कार्यालय संवाददाता डिब्रूगढ़ : डिब्रूगढ़ जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने शुक्रवार को दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने सुबह डिब्रूगढ़ शहर में जलजमाव की समस्या के संदर्भ में जानकारी लेने के लिए एचएस रोड और महालया रोड पहुचे और बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने लोगों को आश्वासन दिया कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद जलजमाव की समस्या के निवारण के लिए कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बीच सरकार पानी के मुक्त प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए नालों को साफ करेगी। पत्रकारों के सवालों का जबाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर सुरक्षा नाला (बड़ा नाला) पर बेदखल हुआ है। बड़ी बड़ी इमारतें बन गई है। इस लिए नाले की सफाई करके समस्या का समाधान करने की कोशिश की जाएगी। यदि डिब्रूगढ़वासी कहेंगे कि बड़ा नाला से बेदखलकारियो से मुक्त करना चाहिए तो सरकार उसपर कार्य करेंगी। डिब्रूगढ़ शहर के जलजमाव की समस्या की जानकारी लेने के बाद मुख्यमंत्री डॉ शर्मा खोवांग के बाढ़ग्रस्त अंचल पहंुचे। जहा उन्होंने खोवांग में रिंग बांध में बाढ़ के कारण हुई दरार का भी निरीक्षण कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित लोगों से बात की और उन्हें पर्याप्त कदम उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से रिंग बांध बनाने और मुख्य तटबंध को मजबूत करने को कहा। मुख्यमंत्री ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रंजीत कुमार दास और विधायक चक्रधर गोगोई को प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए जीर्णोद्धार कार्य की निगरानी करने का निर्देश दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पिथुबोर बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्थापित राहत शिविर का दौरा किया, जहां 173 लोग शरण लिए हुए हैं। उन्होंने उनसे बातचीत की और उन्हें प्रतिदिन उपलब्ध कराई जाने वाली राहत सामग्री के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने जिला आयुक्त से शिविर में रहने वालों को चिकित्सा सुविधा, सुरक्षित पेयजल और कपड़े उपलब्ध कराने को कहा। मुख्यमंत्री ने खोवांग उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्थापित राहत शिविर का भी दौरा किया, जहां 380 बाढ़ प्रभावित लोग शरण लिए हुए हैं। उन्होंने उनके साथ समय बिताया और उन्हें आश्वासन दिया कि आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के अलावा बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए घरों की मरम्मत या निर्माण के लिए शीघ्र उपाय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रंजीत कुमार दास, जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारिका, विधायक तेरस गोवाला, और तरंग गोगोई भी मौजूद थे। जिसके बाद मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्व शर्मा टेगाखाट में बूढ़ीदिहिंग नदी बांध में पड़ी दरार के बारे में जानकारी ली। साथ वे बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में नाव पर सवार होकर निकले और जमीनी स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने डिब्रूगढ़ के जिला आयुक्त से बाढ़ प्रभावित लोगों की आपातकालीन राहत के लिए आवश्यक उपाय करने को कहा। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि क्षतिग्रस्त घरों का या तो पुनर्निर्माण किया जाएगा या उनकी मरम्मत की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कल से जियो बैग के साथ बांध की दरार को बंद करने के लिए युद्ध स्तर पर कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने टेगाखाट कॉलेज में स्थापित राहत शिविर का भी दौरा किया, जहां 299 बाढ़ पीड़ितों ने शरण लिए हुए हैं। उन्होंने राहत शिविर में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और जिला आयुक्त से शिविर में दैनिक राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने और शिशुओं और बुजुर्गों की जरूरतों पर विशेष ध्यान देने को कहा। जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारिका, विधायक तेरस ग्वाला और तरंग गोगोई मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित थे।
डिब्रूगढ़ के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सीएम का दौरा