पूर्वांचल प्रहरी टीम गुवाहाटी, जोरहाट : असम में बाढ़ की स्थिति मंगलवार को भी गंभीर बनी रही और इस साल बाढ़ की दूसरी लहर में 20 जिलों में 6.71 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। एक आधिकारिक बुलेटिन में कहा गया है कि ब्रह्मपुत्र सहित कम से कम 13 प्रमुख नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं तथा कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।  एएसडीएमए के बुलेटिन में कहा गया है कि 20 जिलों में 6,71,167 लोग बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। इस वर्ष राज्य में बाढ़, तूफान और भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है। ब्रह्मपुत्र नदी नेमातीघाट (जोरहाट), तेजपुर  (शोणितपुर), गुवाहाटी (कामरूप) और धुबरी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बदतीघाट (लखीमपुर) में सुबनसिरी, चेनिमारी (डिब्रूगढ़) में बुरहीडीहिंग, शिवसागर में दिखौ, नंगलामुराघाट (शिवसागर) में दिसांग, नुमाकीगढ़ (गोलाघाट) में धनसिरी, एनटी रोड क्रॉसिंग (शोणितपुर) में जिया-भराली, कामपुर (नागांव) में कोपिली, एनएच रोड क्रॉसिंग (कामरूप) में पुथिमारी, बरपेटा रोड ब्रिज पर बेकी, (हैलाकांडी) में धलेश्वरी, करीमगंज में कुशियारा, और बीपी घाट पर बराक नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। एएसडीएमए के बुलेटिन में कहा गया है कि गुवाहाटी के बोरझार स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने ग्वालपाड़ा, बोंगाईगांव, कार्बी आंगलोंग और दीमा हसाओ में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को कहा था कि डिब्रूगढ़ में स्थिति गंभीर है, क्योंकि ब्रह्मपुत्र नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और मशीनें शहर से पानी नहीं निकाल सकतीं। दूसरी ओर  ऊपरी असम में ब्रह्मपुत्र तथा सहायक नदियों का लगातार जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ की स्थिति दिन-ब-दिन और विकराल हो रही है। बाढ़ से निपटने के लिए राज्य सरकार के निर्देश पर प्रशासन सभी प्रभावित अंचलों में पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। वहीं राज्य सरकार के मंत्री में विभिन्न जिलों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। इस क्रम में मंत्री रंजीत दास तिनसुकिया जिले में, मंत्री बिमल बोरा शिवसागर जिले में तथा संजय किसान ने धेमाजी जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत शिविरों में रह रहे पीड़ितों से मुलाकात की। इधर तिनसुकिया के कार्यालय संवाददाता के अनुसार जिले के चार राजस्व के अंतर्गत सैकड़ों गांव इस बाढ़ की चपेट में है। लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। जानकारी अनुसार जिले के तिनसुकिया, मार्घेरिटा, दुमदुमा तथा सादिया राजस्व चक्र के अंतर्गत 90 गांव के 55,732 लोग इस बाढ़ से प्रभावित हुए हंै। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा इन लोगों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। दुमदुमा के विशेष संवाददाता के अनुसार तिनसुकिया जिले में बाढ़ के पानी में डूबने से दो व्यक्तियों की मौत होने की सूचना मिली है। जानकारी के अनुसार फिलोबाड़ी अंचल में एक कच्चे पुल से गिरने पर एक युवक की मौत हो गई। वहीं धौला अंचल में नाव से गिरकर एक युवक की मौत हुई। दोनों ही अंचलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है।  मंत्री दास ने फिलोबाड़ी गाभरूभेटी गांव के निवासी मोहन यादव के घर पहुंचकर उनके परिजन को सांत्वना दी और मृतक के परिवार को राज्य आपदा प्रबंधन सहायता कोष से चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की। मालूम हो कि कल बांस के पुल से नीचे पानी में गिरकर उसकी मौत हो गई थी। मंत्री ने गांव वालों को उक्त स्थान पर पक्का पुल बनवा देने का भी वादा किया। बाढ़  प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के दौरान मंत्री के साथ दुमदुमा के विधायक रुपेश ग्वाला समेत जिला स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे। वहीं दूसरी तरफ डिबू्रगढ़ के कार्यालय संवाददाता के अनुसार जिले में बाढ़ से परिस्थिति बिगड़ती जा रही है। डिबू्रगढ़ में ब्रह्मपुत्र नदी की उफनती जल धाराओं के बीच छपरी क्षेत्र में फंसे 12 मछुआरों को आज इंडियन एयरफोर्स के जवानों ने हवाई मार्ग से बचाया गया। तीन दिनों से फंसे मछुवारों को बचाने के लिए कल एसडीआरएफ के जवानों ने प्रयास किया था। लेकिन ब्रह्मपुत्र नदी की उफनती तेज धाराओं के समक्ष वे भी विवश दिखे। इसके बाद आज सुबह एयरफोर्स के जवानों ने हेलीकॉप्टर से उन्हें बचाया। शिवसागर के निज संवाददाता के अनुसार जिले के दिखौ, दिसांग, दारिका आदि सहित अधिकांश नदियों में जलस्तर बढ़ने के बाद कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। बाढ़ ने जिले के तीन राजस्व क्षेत्रों में 55 गांवों को जलमग्न कर दिया है, जिनमें शिवसागर शहर के पास न-पाम गांव, शल्मरिया गांव, कोंवरपुर, दिसांगमुख और दिखौमुख शामिल है। सरकार और जिला प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित हुए लोगों को सहायता पहुंचाने हेतु कई राहत शिविरों की स्थापना की है और खाद्य तथा अन्य सहायता भी पहुंचाई जा रही है। शहर के आपदा प्रबंधन विभाग ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से महिलाओं और बच्चों को रबर की नावों से निकालने के लिए जिले में एनडीआरएफ बल को तैनात किया है। मंत्री बिमल बोरा ने आज दिसांगमुख सहित शिवसागर और कई अन्य इलाकों में जाकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। साथ ही जिला प्रशासन को बाढ़ पीड़ितों के बचाव, पुनर्वास और राहत के लिए आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया। इसी बीच जिला प्रशासन द्वारा जिले में छह बाढ़ राहत शिविरों की स्थापना की गई है। विगत दो दिनों के बाद आज नदियों के जलस्तर में कुछ कमी आने से आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। जोरहाट के नगर संवाददाता के अनुसार जोरहाट जिले के निमातीघाट, टियोक, जाजीमुख, हातीहाल सहित जिले के दो राजस्व चक्र के अंतर्गत तीस से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित है। विशेष रूप से टियोक के जाजीमुख अंचल में हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। जाजीमुख में घर की छतों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिसके कारण लोगों को मजबूरन राहत शिविर में आश्रय लेना पड़ा। जानकारी के अनुसार टियोक को दो राहत शिविर तैयार किए गए हैं, जहां अंचल के कई परिवार रह रहे हैं। इधर जोरहाट के जिला आयुक्त पुलक महंत ने आज हातीहाल का दौरा कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया तथा प्रभावितों के बीच राहत सामग्री वितरित की। वहीं दूसरी तरफ माजुली जिले में बाढ़ की स्थिति अधिक भयावह नजर आ रही है। जानकारी के अनुसार जिले के लगभग 87 गांव के 70 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित है। इतना ही नहीं, जिले के जुगुनीधारी के पास आउनीआटी-गुवालगांव स्थित तटबंध का लगभग 150 मीटर हिस्सा ब्रह्मपुत्र में बहने के कारण क्षेत्र में हाहाकर मचा हुआ है, जिसके कारण उक्त अंचल के छह परिवारों का घर नदी में बह गया है। हालांकि किसी व्यक्ति के हताहत नहीं की कोई जानकारी नहीं मिली है। इसके अलावा माजुली जिले के कई तटबंध की हालत भी चिंताजनक बताई जा रही है। हालांकि स्थानीय लोगों की तत्परता से उक्त तटबंधों को कुछ हद तक मरम्मत कर इलाके को सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। इधर माजुली जिला प्रशासन भी तत्परता के साथ बाढ़ से निपटने हेतु जुटा हुआ है।