पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : आजादी के 77 साल बाद भारत ने एक नई आपराधिक संहिता लागू की है। सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए सोमवार पहली जुलाई से देशभर में तीन नए कानून लागू हो गए। पिछली दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता, पिछली सीआरपीसी की जगह नागरिक सुरक्षा संहिता और पिछले साक्ष्य अधिनियम की जगह नया भारतीय साक्ष्य अधिनियम, इन तीन आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत देश का पहला मामला मध्य प्रदेश में आया। ग्वालियर पुलिस ने रविवार रात को 12.10 बजे मोटरसाइकिल चोरी का एक मामला दर्ज किया। हालांकि रात 12.10 बजे दिल्ली पुलिस ने दिल्ली रेलवे स्टेशन पर गुटखा बेचने के आरोप में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 285 के तहत पटना के रहने वाले पंकज कुमार नामक एक विक्रेता की गिरफ्तारी की और दावा किया था कि नए कानून के तहत यह देश में पहली गिरफ्तारी है।
हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्री ने इस दावा का खंडन किया। अमित शाह ने सोमवार को संसद में पत्रकारों से कहा कि चोरी के संबंध में मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से दर्ज किया गया मामला नए कानून के तहत दर्ज किया गया पहला मामला है। लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री की घोषणा के विपरीत छत्तीसगढ़ पुलिस ने नए न्याय संहिता अधिनियम के तहत पहला मामला दर्ज करने का भी दावा किया है। कबीरधाम जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने कहा कि रविवार रात 12.05 बजे रेंगाघार पुलिस स्टेशन में नए अधिनियम बीएनएस की धारा के तहत पहला मामला दर्ज किया गया।
इतवारी पंचेश्वर नामक एक ट्रैक्टर शोरूम कर्मचारी को मारपीट के आरोप में गुलु ठाकरे नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसी बीच, नए आपराधिक अधिनियम के तहत असम में पहला मामला नगांव में दर्ज किया गया। नगांव के एसपी स्वप्ननील डेका के अनुसार असद अली नाम के एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर मोबाइल फोन और पैसे की चोरी के आरोप में नगांव सदर पुलिस स्टेशन में पहला मामला दर्ज किया गया। मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305(ए) के तहत दर्ज किया गया। असद अली ने रात को अपने घर से ही चोर ने मोबाइल फोन के साथ नकद 7 हजार रुपए चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।