वेस्ट इंडीज के बारबाडोस में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी-20 विश्व कप के फाइनल मैच में टीम इंडिया ने अंतिम क्षणों में द. अफ्रीका के जबड़े से जीत निकालकर भारत को विश्व चैंपियन बना दिया। रोमांचक फाइनल मैच में भारत ने सात रनों से जीत दर्ज की। इसके लिए भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा तथा पूरी टीम बधाई के पात्र हैं। भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया में भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों ने जश्न मनाया। जीत के बाद सर्वप्रथम पूर्व कप्तान विराट कोहली ने टी-20 के अंतर्राष्ट्रीय मैचों से संन्यास की घोषणा कर दी। उसके बाद कप्तान रोहित शर्मा ने भी टी-20 के अंतर्राष्ट्रीय मैचों को अलविदा कह दिया। उसके अगले दिन ऑलराउंडर रवीन्द्र जडेजा ने भी टी-20 को बाई-बाई कह दिया। इन तीनों बड़े खिलाड़ियों के संन्यास के साथ ही टी-20 क्रिकेट के एक युग की समाप्ति हो गई। इससे चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन में 2026 में घरेलू मैदान पर होने वाले इस प्रारूप के विश्व कप के लिए टीम योजना बनाने का पर्याप्त समय मिल गया है। भारतीय एकादश में इन तीन दिग्गजों का विकल्प ढंूढ़ने में समय लगना तय है, लेकिन भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रतिभा खोजने की शुरुआत अगले सप्ताह से ही शुरू हो जाएगी।

शुभमन गिल के नेतृत्व में 15 सदस्यीय भारतीय टीम 6 जुलाई से पांच टी-20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों के लिए जिम्बाब्वे का दौरा करेगी। इस टीम में भारत के सभी सीनियर खिलाड़ियों को विश्राम दिया गया है। भारतीय चयनकर्ता इस सीरिज पर विशेष रूप से नजर रखेंगे, क्योंकि उन्हें अगले दो वर्ष के दौरान नई टीम तैयार करनी होगी। रोहित और विराट के विकल्प के रूप में यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, ऋतुराज गायकवाड़ एवं अभिषेक शर्मा दिख रहे हैं। इन खिलाड़ियों की परीक्षा आगामी दौरे में होने वाली है। रवीन्द्र जडेजा के संन्यास से अक्षर पटेल को अब ज्यादा मौका मिलेगा। अक्षर ने विश्व कप के दौरान मध्य एवं निचले क्रम में अपनी बल्लेबाजी एवं गेंदबाजी दोनों से ही चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है। भारत में हर वर्ष हो रहे आईपीएल मैचों से भी काफी प्रतिभाशाली क्रिकेटर उभर कर सामने आ रहे हैं। बीसीसीआई के अध्यक्ष रोजर बिन्नी ने कहा है कि आईपीएल में काफी प्रतिभाएं हैं। मालूम हो कि बिन्नी विश्व कप 1983 जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रहे थे। जडेजा के संन्यास से वाशिंटन सुंदर को भी ज्यादा मौके मिलेंगे। अगले टी-20 विश्व कप के लिए अभी काफी समय है।

संन्यास लेने वाले तीनों खिलाड़ी अब अपना ध्यान वनडे एवं टेस्ट क्रिकेट पर केंद्रित करेंगे। भारत वनडे तथा टी-20 विश्व कप अपने नाम कर चुका है, किंतु टेस्ट मैचों का विश्व कप (डब्ल्यूटीसी) अभी भी भारत के नाम नहीं है। टीम इंडिया को डब्ल्यूटीसी कप पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। विराट कोहली ने 12 जून 2010 को जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 क्रिकेट में पदार्पण किया। उन्होंने कुल 125 मैचों में 137.04 की स्ट्राइक रेट से 4188 रन बनाये। इसमें सर्वाधिक 122 रन भी शामिल है। कोहली का टी-20 में एक शतक और 39 अर्द्धशतक शामिल है। रोहित शर्मा वर्ष 2007 में टी-20 किक्रेट में शामिल हुए और खेले गए कुल 159 मैचों में 4231 रन बनाये जिसमें पांच शतक भी शामिल है। रोहित शर्मा 2007 में महेन्द्र सिंह धोनी की नेतृत्व वाली टी-20 विश्व कप विजेता टीम में भी शामिल थे, जबकि 2024 का टी-20 विश्व कप उन्हीं की कप्तानी में भारत ने फतह किया। रवीन्द्र जडेजा ने भी सही समय पर टी-20 को अलविदा कहा। उन्होंने खेले गए कुल 74 टी-20 मैचों में 127.16 की स्ट्राइक रेट से 515 रन बनाये तथा 54 विकेट लिये। इन तीनों खिलाड़ियों को भारतीय क्रिकेट सदैव याद रखेगा। इनकी भरपाई अब प्रतिभावान युवा खिलाड़ियों से होगी।