पूर्वांचल प्रहरी नगर संवाददाता जोरहाट : असम ग्रामीण विकास बैंक में करोड़ों रुपए की धांधली के आरोप में आज राज्य के जोरहाट, डिबू्रगढ़ व तिनसुकिया सहित सात स्थानों में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई)की टीम ने अभियान चलाया। मामले को लेकर सीबीआई की टीम ने पश्चिम बंगाल के एक जिले में भी छापेमारी की। बैंक के आठ करोड़ रुपए से अधिक की राशि को अपने निजी फायदे के लिए नुकसान पहुंचाने का आरोप सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन ने उचित कदम उठाया तथा सीबीआई ने मामले की तहकीकत शुरू की। इधर आज चलाए गए अभियान के दौरान सीबीआई को ऊपरी असम के तीनों जिले से कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं। उल्लेखनीय है कि जोरहाट जिले के तिताबर महकमा स्थित असम ग्रामीण विकास बैंक की माधोपुर शाखा के प्रबंधक प्रशांत बोरा, सह प्रबंधक प्रियांशु पल्लव गोगोई, बैंक के कैशियर सत्यजीत चलिहा और अन्य एक व्यक्ति के खिलाफ धांधली के आरोप में सीबीआई ने यह अभियान चलाया।
इस मामले को लेकर शाखा प्रबंधक प्रशांत बोरा और सह प्रबंधक प्रियांशु पल्लव गोगोई को पहले ही नौकरी से निलंबित किया गया था। आरोप है कि आत्म सहायक गुटों को धनराशि प्रदान करने के नाम पर धांधली के जरिए इस रकम को दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर करके कुल 8.28 करोड़ रुपए हड़पी गई थी। बताया जाता है कि बैंक के सह प्रबंधक प्रशांत बोरा ने आत्म सहायक गुट के खातों से बड़ी राशि अपने खाते में डालकर इस धनराशि को शेयर मार्केट में लगा दी थी। इधर शेयर मार्केट से मिले लाभ को अपने खाते में रखकर मूल रकम को आत्म सहायक गुट के बैंक खाते में जमा करवाने की योजना तैयार की थी। लेकिन शेयर मार्केट में फायदे के बजाए हुए जब घाटा हुआ तो पूरा मामला प्रकाश में आया। मामले को गंभीरता से लेते हुए असम ग्रामीण विकास बैंक प्रबंधन ने शाखा के प्रबंधक प्रशांत बोरा और सह प्रबंधक प्रियांशु पल्लव गोगोई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। साथ ही बैंक के कैशियर सत्यजीत चलिहा का भी तबादला करने के साथ उनके खिलाफ जांच शुरू की।